Pune liquor tragedy: जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत, कुछ घंटों के भीतर मच गया हड़कंप, आठ लोग गिरफ्तार
Pune liquor tragedy: जबहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत, कुछ घंटों के भीतर मच गया हड़कंप, आठ लोग गिरफ्तार
Pune liquor tragedy | Photo Credit: AI
पुणे: Pune liquor tragedy पिंपरी चिंचवड और पुणे शहर में संदिग्ध नकली शराब पीने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है और पुलिस ने इस सिलसिले में एक मुख्य तस्कर सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना को ‘बेहद गंभीर’ बताया और कहा कि नकली शराब की आपूर्ति में शामिल ‘पूरे नेटवर्क’ की पहचान कर ली गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस पूरी घटना की जांच ‘अपराध जांच विभाग’ (सीआईडी) को सौंप दी गई है।
Pune liquor tragedy पिंपरी चिंचवड के फुगेवाड़ी इलाके में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि पुणे के हडपसर स्थित पांढरे मला क्षेत्र में चार अन्य लोगों की संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन से जान चली गई। पुलिस ने बताया कि जहरीली शराब पीने के संदेह में पांच अन्य पुरुषों का पिंपरी चिंचवड़ के एक अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। पिंपरी चिंचवड पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. बसवराज तेली ने कहा कि जांच के दौरान पुलिस ने मामले के सिलसिले में करनेलसिंह तख्तसिंह विरका (73), गुरमंगतसिंह करनेलसिंह विरका (45), योगेश रामचन्द्र वानखेड़े (23), राधेशाम हरिराम प्रजापति (35), इंदरजीत कौर करनेलसिंह विरका (60) और कल्पेश अग्रवाल (29) को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार करनेलसिंह, गुरमंगतसिंह, वानखेड़े और प्रजापति को आठ जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है जबकि इंदरजीत और अग्रवाल को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। तेली ने बताया, ‘उन पर गैर इरादतन हत्या सहित कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।’ अधिकारी ने बताया कि इस त्रासदी की जांच सीआईडी को सौंप दी गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर पिंपरी चिंचवड के फुगेवाड़ी इलाके और पुणे शहर के कुछ हिस्सों में मेथनॉल मिली हुई शराब की आपूर्ति की थी।
पुलिस ने बताया कि मौत के सटीक कारण की पुष्टि करने वाली जांच रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान पांडुरंग सखाराम फुगे (53), अकबर अजीमखान पठान (48), राजेश शांताराम राजपूत (50), आनंद पांडेराव देसाई (53), आनंद काशीनाथ निकालजे (64), भीमन्ना बसन्ना नगरल (27), अक्षय अशोक अवसरमल (28), सचिन रामचंद्र नेटके (36), सुरप्पा मनप्पा बंगारी (55) और राजू राठौड़ (34) के रूप में की गई है। सभी दापोडी के फुगेवाड़ी के निवासी थे।
पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने बताया कि हडपसर में नकली शराब के सेवन से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा, “मृतकों का पोस्टमार्टम कर लिया गया है। विसरा सुरक्षित रख लिया गया हैं और उन्हें फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएलएस) भेज दिया गया है। एफएसएल की रिपोर्ट मिलने के बाद शरीर में मौजूद तत्वों और मौत के सटीक कारण का पता चल सकेगा।” उन्होंने कहा, “हमने आकाश जाधव और कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।” कुमार के अनुसार, जिस स्थान पर कथित तौर पर शराब का सेवन किया गया था, वहां के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। कुमार ने कहा, ‘इस रैकेट में शामिल किसी को भी हम नहीं बख्शेंगे।’
हडपसर पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक संजय मोगले ने बताया कि जांच में पता चला है कि मृतकों ने कथित तौर पर पंढारे मला इलाके में आकाश जाधव से नकली शराब खरीदी थी। उन्होंने कहा, ‘इसका सेवन करने के बाद, उन्हें उल्टी और चक्कर आने की शिकायत हुई।’ हडपसर मामले में मृतकों की पहचान अरुण दादर (60), राहुल क्षीरसागर (45), अशोक चव्हाण (52) और दत्ता सूर्यवंशी (55) के रूप में हुई है। राज्य आबकारी आयुक्त अतुल कानाडे ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि फुगेवाडी में हुई मौतों के बाद विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
कानाडे ने कहा, ‘‘हमने योगेश वानखेडे को हिरासत में लिया है, जो फुगेवाडी और हडपसर दोनों जगह जहरीली शराब की आपूर्ति में संलिप्त था। उसे पिंपरी चिंचवड पुलिस को सौंप दिया गया है और कार्रवाई की जा रही है।’’ मुख्यमंत्री फडणवीस ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह बेहद गंभीर घटना है। इस मामले में तत्काल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है तथा कुछ और गिरफ्तारियां भी संभव हैं। हमने इसके पीछे के पूरे नेटवर्क की पहचान कर ली है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारी पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह नेटवर्क कितना व्यापक है। पुलिस आबकारी विभाग के साथ मिलकर काम कर रही है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी पुलिस इस मामले में पूरी कोशिश कर रही है और यह पता लगाने की भी कोशिश कर रही है कि यह नेटवर्क कितना व्यापक है। पुलिस उत्पाद शुल्क विभाग के साथ मिलकर काम कर रही है।” पिंपरी चिंचवड के यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल अस्पताल के डीन डा. राजेंद्र वाबले ने कहा कि मरने वालों में से अधिकतर लोग अत्यधिक शराब पीने के शिकार थे और अस्पताल लाए जाने पर उनमें सांस लेने में कठिनाई, मुंह से झाग निकलना, चक्कर आना और बेहोशी जैसे लक्षण थे। इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) नेता रोहित पवार एवं पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं ने हडपसर इलाके में एक शराब के अड्डे पर तोड़फोड़ की।
पवार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया कि पुणे के हडपसर और फुगेवाडी इलाकों में जहरीली शराब पीने से 18 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने घटना को ‘‘बेहद भयावह’’ बताते हुए आरोप लगाया कि यह घटना गृह विभाग के ‘‘भ्रष्ट कामकाज’’ को उजागर करती है। राकांपा (शप) नेता ने कहा, ‘‘यह बेहद गंभीर मामला है। अब भी कई लोग जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। राज्य में बेरोकटोक हो रही अवैध गतिविधियों पर बार-बार चिंता जताई गई, लेकिन सरकार उन पर लगाम नहीं लगा सकी और 18 लोगों की मौत के लिए पूरी तरह राज्य सरकार जिम्मेदार है।’’ उन्होंने फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार “तकनीकी रूप से” बड़े बहुमत के साथ सत्ता में है, लेकिन नैतिक रूप से उसने जनता का भरोसा खो दिया है।
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