मुंबई, दो मार्च (भाषा) आगामी राज्यसभा चुनाव महाराष्ट्र विकास आघाडी (एमवीए) की एकता के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा साबित होने वाले हैं,क्योंकि शिवसेना (उबाठा) और कांग्रेस दोनों ने सोमवार को गठबंधन की एकमात्र जीतने योग्य सीट पर दावा पेश किया तथा साथ ही यह भी कहा कि आंतरिक वार्ता जारी है।
शिवसेना (उबाठा) के नेता आदित्य ठाकरे ने 16 मार्च को होने वाले चुनाव के लिए एमवीए में किसी भी तरह के गतिरोध से इनकार किया और कहा कि जीतने योग्य एकमात्र सीट उनकी पार्टी को मिलनी चाहिए, क्योंकि उसके पास संख्यात्मक बढ़त है।
राज्यसभा की सात सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख पांच मार्च है। चुनाव 16 मार्च को होंगे और मतों की गिनती भी उसी दिन होगी।
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी इस सीट से चुनाव लड़ने के अपने दावे पर अडिग है, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि बातचीत चल रही है और विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिए जाएंगे।
आदित्य ठाकरे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राज्यसभा चुनाव के लिए हो रही वार्ता में कोई गतिरोध नहीं है; सभी दल एक-दूसरे के संपर्क में हैं। हमने एक राज्यसभा सीट पर अपना दावा पेश किया है, क्योंकि संख्यात्मक ताकत और एमवीए के लिए तय ‘रोटेशन’ नीति के अनुसार इस सीट पर शिवसेना (उबाठा) को चुनाव लड़ना चाहिए।’’
पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा कि 16 मार्च को होने वाले चुनावों से पहले राज्यसभा की एकमात्र सीट को लेकर एमवीए के भीतर चर्चा हो रही है, लेकिन सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी होने के नाते शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) का रुख इस फैसले के लिए महत्वपूर्ण होगा।
राउत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पूर्व सांसद राजन विचारे और विनायक राउत सहित कई नेताओं ने पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर राज्यसभा चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की है।
राजन विचारे और विनायक राऊत 2024 का लोकसभा चुनाव हार गए थे।
राउत ने कहा, ‘‘घटक दलों के बीच लगातार बातचीत हो रही है और यह अंतिम क्षण तक जारी रहेगी। दलों के प्रमुख नेताओं के बीच भी चर्चा की जा रही है।’’
अप्रैल में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के प्रमुख शरद पवार, शिवसेना (उबाठा) नेता प्रियंका चतुर्वेदी, राकांपा (शप) की फौजिया खान, आरपीआई (आठवले) के रामदास आठवले, भाजपा के भागवत कराड, कांग्रेस की रजनी पाटिल और राकांपा के धैर्यशील पाटिल का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।
सत्तारूढ़ महायुति के पक्ष में भारी बहुमत को देखते हुए एमवीए संसद के ऊपरी सदन और विधान परिषद में केवल एक-एक सदस्य को निर्वाचित कराने में सफल हो सकती है।
हालांकि, एमवीए के तीनों घटक दलों शिवसेना (उबाठा), कांग्रेस और राकांपा (शप) ने इस इकलौती सीट पर अपना दावा पेश किया है। शिवसेना (उबाठा) के पास 20 विधायक हैं, उसके बाद कांग्रेस के पास 16 और राकांपा (शप) के पास 10 विधायक हैं।
विधानसभा में भारी बहुमत के कारण भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति को सात में से छह सीटें मिलने की संभावना है। राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख विजया रहाटकर और भाजपा महासचिव विनोद तावड़े के नामों की चर्चा चल रही है, जबकि केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले को भाजपा के कोटे से दोबारा मनोनीत किए जाने की संभावना है।
राउत ने कहा कि वरिष्ठ नेता पवार उच्च सदन में एक और कार्यकाल के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उद्धव ठाकरे और राकांपा (शप) नेता जयंत पाटिल ने इस मामले पर चर्चा की है।
उन्होंने कहा, ‘‘निर्णय एमवीए के रूप में लिया जाएगा। हम जो भी निर्णय लेंगे, वह सर्वसम्मति से लिया जाएगा। शिवसेना (उबाठा) सबसे बड़ी पार्टी है और उसका रुख महत्वपूर्ण होगा।’’
राउत ने कहा कि शिवसेना (उबाठा) राज्यसभा में अपना प्रतिनिधि भेजना चाहती है, क्योंकि यह एक क्षेत्रीय पार्टी है और इसका मुख्य रुख यह है कि उच्च सदन में उसके कम से कम दो प्रतिनिधि होने चाहिए।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, अधिकांश विधायक वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोराट का नामांकन दाखिल करवाना चाहते हैं, जबकि पार्टी प्रवक्ता सचिन सावंत और अतुल लोंढे भी नामांकन दाखिल करने के पक्ष में हैं।
उन्होंने बताया कि एक अन्य वरिष्ठ नेता नसीम खान भी नामांकन के इच्छुक हैं और मौजूदा सांसद रजनी पाटिल भी दोबारा चुनाव लड़ने में रुचि रखती हैं।
उन्होंने बताया कि राकांपा (शप) नेता शरद पवार के लिए सीट की मांग कर रहे हैं और कह रहे हैं कि वे उन्हें दोबारा नामांकन के लिए मना लेंगे।
भाषा गोला दिलीप
दिलीप