राहुल गांधी, शरद पवार ने शिवाजी महाराज की दूरदर्शिता की सराहना की

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राहुल गांधी, शरद पवार ने शिवाजी महाराज की दूरदर्शिता की सराहना की

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  • Publish Date - February 19, 2026 / 01:08 PM IST,
    Updated On - February 19, 2026 / 01:08 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

मुंबई, 19 फरवरी (भाषा) राहुल गांधी सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने बृहस्पतिवार को छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनकी दूरदर्शिता, नेतृत्व और लोगों में आत्मसम्मान जगाने में उनकी भूमिका की सराहना की।

महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने यहां लोक भवन में शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं सुनेत्रा पवार मराठा राजा के जन्मस्थान पुणे के शिवनेरी किले में आयोजित समारोह में शामिल हुए।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छत्रपति शिवाजी महाराज को वीरता का प्रतीक बताया।

गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि शिवाजी महाराज वीरता, दूरदर्शिता और न्यायपूर्ण नेतृत्व का एक अनूठा उदाहरण हैं। उन्होंने कहा, ‘‘शौर्य की प्रतिमूर्ति छत्रपति शिवाजी महाराज जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। शिवाजी महाराज वीरता, दूरदर्शिता और न्यायप्रिय नेतृत्व के अद्वितीय प्रतीक हैं। उनका जीवन दर्शन और साहस हमें आज भी अन्याय के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देता है।’’

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि शिवाजी महाराज ने आम लोगों के दिलों में स्वाभिमान की चिंगारी प्रज्वलित की।

राज्यसभा सदस्य पवार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि शिव छत्रपति (शिवाजी) के कारण ही स्त्रीशक्ति के सम्मान की परंपरा समाज को दिशा देती रही है।

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुंबई के दादर इलाके में स्थित शिवाजी पार्क में महान योद्धा राजा को पुष्पांजलि अर्पित की।

सपकाल ने कहा कि यह दिन मराठा राजा की वीरता और साहस को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें उनके दृष्टिकोण और सिद्धांतों के प्रति स्वयं को समर्पित करना होगा।’’

सपकाल ने कहा, ‘‘मैं राज्य भर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से छत्रपति शिवाजी महाराज को नमन करता हूं।’’

कांग्रेस नेता हाल में छत्रपति शिवाजी महाराज और 18वीं सदी के मैसूर शासक टीपू सुल्तान के बीच तुलना करने वाली अपनी टिप्पणी के कारण सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं।

भाषा सुरभि मनीषा

मनीषा