मुंबई, सात जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुंबई इकाई के अध्यक्ष अमित साटम ने बुधवार को आरोप लगाया कि देश की आर्थिक राजधानी में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठिए आ रहे हैं और यह एक ‘‘मौन जनसांख्यिकीय और सांस्कृतिक आक्रमण’’ की तरह है।
साटम ने यह बयान देश के सबसे अमीर नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका परिषद(बीएमसी) के चुनाव से करीब एक सप्ताह पहले दिया है।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण, अतिक्रमण और वोट बैंक की राजनीति शहर की जनसांख्यिकी को बदलने की ‘षड्यंत्र’ के पीछे के कारक थे।
उन्होंन शिवसेना (उबाठा)के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मालवणी, मलाड, मानखुर्द, देवनार और कुर्ला जैसे क्षेत्रों में राजनीतिक समर्थन से हजारों अवैध झुग्गियों का निर्माण हुआ है।
उन्होंने कहा कि भाजपा का ‘‘जनसांख्यिकीय बदलाव और मुंबई के ममदानीकरण’ पर ध्यान केंद्रित करना आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले शहर के भविष्य को लेकर चिंताओं को दर्शाता है। भाजपा का शहर में शिवसेना (उबाठा)और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) गठबंधन से मुख्य मुकाबला है।
साटम ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जनसांख्यिकी ही भाग्य तय करती है। हम मुंबई का रंग नहीं बदलने देंगे और न ही मुंबई का ‘ममदानीकरण’ होने देंगे। मुंबई का विकास तभी संभव है जब यह सुरक्षित हो।’’
साटम ने ‘मुंबई का ममदानीकरण’ का कटाक्ष उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना(उबाठा) को निशाना बनाने के लिए किया। उनका ममदानीकरण से अभिप्राय न्यूयॉर्क के महापौर चुनाव में पहली बार मुस्लिम उम्मीदवार ज़ोहरान ममदानी की जीत से था।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई के कई हिस्सों में सरकारी जमीन पर अवैध झुग्गी-झोपड़ी निर्माण के माध्यम से व्यवस्थित रूप से अतिक्रमण किया जा रहा है, जहां कथित तौर पर बांग्लादेशी और रोहिंग्या अप्रवासी बसे हुए हैं।
साटम के अनुसार, बाद में इन घुसपैठियों को आधार कार्ड, पैन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र प्राप्त करने में सहायता प्रदान की गई और बाद में उन्हें मतदाता सूची में शामिल कर लिया गया।
ठाकरे पर और हमला करते हुए साटम ने सवाल उठाया कि शिवसेना(उबाठा) अध्यक्ष के नेतृत्व वाली पूर्वर्ती महा विकास आघाडी (एमवीए)सरकार में सेवारत एक मंत्री ने मुंबई में कितने बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को बसाया था। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की घुसपैठ से शहर की सुरक्षा को गंभीर खतरा है।
उन्होंने तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा, ‘‘जो आज बॉण्डी बीच (ऑस्ट्रेलिया) पर हुआ, वह कल गिरगांव चौपाटी पर भी हो सकता है।’’
साटम ने दावा किया कि अकेले 2025 में मुंबई पुलिस द्वारा 1,000 से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित किया गया था, और यह संख्या हर साल बढ़ रही है।
भाजपा नेता ने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दशकों में मुंबई की जनसांख्यिकीय संरचना में हुए बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने रिपोर्ट के हवाले से दावा किया कि हिंदू आबादी 1951 में 88 प्रतिशत से घटकर 2011 में 66 प्रतिशत रह गई, जबकि इसी अवधि के दौरान मुस्लिम आबादी आइ प्रतिशत से बढ़कर 21 प्रतिशत हो गई।
भाषा धीरज रंजन
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