सपकाल ने विधान परिषद चुनाव से पहले एमवीए सहयोगियों में बेहतर तालमेल पर जोर दिया

सपकाल ने विधान परिषद चुनाव से पहले एमवीए सहयोगियों में बेहतर तालमेल पर जोर दिया

सपकाल ने विधान परिषद चुनाव से पहले एमवीए सहयोगियों में बेहतर तालमेल पर जोर दिया
Modified Date: April 24, 2026 / 08:09 pm IST
Published Date: April 24, 2026 8:09 pm IST

मुंबई, 24 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) और इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) के सहयोगियों से राज्य में आगामी विधान परिषद चुनावों के लिए सीट बंटवारे पर बेहतर तालमेल के साथ एक स्पष्ट एवं सामूहिक निर्णय लेने का शुक्रवार को आह्वान किया।

सपकाल ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मौजूदा सियासी समीकरणों को देखते हुए गठबंधन सहयोगियों के बीच सहयोग आवश्यक है।

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष ने अगले महीने प्रस्तावित विधान परिषद चुनाव को लेकर बृहस्पतिवार को शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात की थी। इस चुनाव में विपक्षी गठबंधन का कम से कम एक सीट जीतना लगभग तय है।

कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि अगर उद्धव एक बार फिर विधान परिषद चुनाव लड़ने का फैसला करते हैं, तो पार्टी केवल उन्हीं का समर्थन करेगी।

सपकाल ने हाल में संपन्न राज्यसभा चुनाव (जिसमें राकांपा (शप) प्रमुख शरद पवार संसद के ऊपरी सदन के लिए फिर से निर्वाचित हुए) का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने प्रस्ताव दिया था कि विधान परिषद की सीट उद्धव के पास ही रहे, जबकि राज्यसभा की सीट कांग्रेस को आवंटित की जाए।

उन्होंने कहा कि लेकिन महाराष्ट्र में इस प्रस्ताव पर पर्याप्त चर्चा नहीं हुई और अंतिम निर्णय निर्धारित समय सीमा से ठीक पहले राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा लिया गया।

सपकाल ने कहा, “(राज्यसभा) सीट हमारे सहयोगी दल (राकांपा-शप) को दे दी गई, जो (सीटों की संख्या के लिहाज से) तीसरे स्थान पर है। हमने इस फैसले को तहे दिल से स्वीकार किया।”

सपकाल ने भविष्य में समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अगले दो वर्षों में राज्यसभा और विधान परिषद के चुनाव होने वाले हैं। उन्होंने कहा, “सहयोगी दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर व्यवस्थित चर्चा और सामूहिक निर्णय की आवश्यकता है।”

बृहस्पतिवार को राकांपा (शप) ने उद्धव से विधान परिषद चुनाव लड़ने का आग्रह किया था।

भाषा पारुल अविनाश

अविनाश


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