आईआईटी मुंबई के छात्र वाकोडे की मौत के मामले में अब तक 40 लोगों के बयान दर्ज: पुलिस
आईआईटी मुंबई के छात्र वाकोडे की मौत के मामले में अब तक 40 लोगों के बयान दर्ज: पुलिस
मुंबई, 30 सितंबर (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के छात्र साहिल वाकोडे की 18 सितंबर को हुई कथित आत्महत्या की जांच कर रही मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने उसके माता-पिता और सहपाठियों समेत अब तक 40 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में अनशन पर बैठे साहिल वाकोडे के माता-पिता और सहपाठियों के अलावा अपराध शाखा ने आईआईटी छात्रावास के कर्मचारियों और अन्य लोगों के भी बयान दर्ज किए हैं।
हालांकि, उन्होंने बताया कि आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किए जाने के बाद भी प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का बयान दर्ज किया जाना अभी बाकी है।
जांचकर्ताओं ने साहिल वाकोडे के दो मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक टैबलेट का लॉक खोलकर उनमें से जानकारी निकालने के लिए कलीना स्थित फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) भेजा है।
पुलिस को उम्मीद है कि इन डिजिटल उपकरणों से डेटा मिलने के बाद महत्वपूर्ण सबूत सामने आएंगे, जिससे बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र की मौत से पहले घटी घटनाओं के सही क्रम का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
इससे पहले छात्र के पिता की शिकायत के आधार पर पवई पुलिस ने प्रोफेसर डूला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
पुलिस को दिए अपने बयान में साहिल वाकोडे के पिता ने आरोप लगाया कि आखिरी मुलाकात में उनके बेटे ने बताया था कि आईआईटी मुंबई के निदेशक शिरीष केदारे के इशारे पर प्रोफेसर डूला पिछले तीन महीनों से उन्हें जातिगत रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। उसने किसी झूठे मामले में फंसाए जाने की आशंका भी जताई थी।
पुलिस ने कहा कि वे घटना से जुड़ी सभी परिस्थितियों, बयानों और तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच कर रहे हैं, इसलिए प्रोफेसर डूला का बयान दर्ज करना अभी बाकी है।
साहिल वाकोडे (22) का शव 18 सितंबर की शाम उसके छात्रावास के कमरे में फंदे से लटका मिला था।
पिछले तीन दिनों से अनशन पर बैठे छात्र के माता-पिता ने देश के इस प्रतिष्ठित संस्थान में अपने बेटे के साथ जातीय भेदभाव का आरोप लगाया है।
वे प्रोफेसर डूला और निदेशक केदारे की गिरफ्तारी तथा अपने दिवंगत बेटे के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
इससे पहले आईआईटी मुंबई के बोर्ड ने साहिल वाकोडे की मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति का गठन किया था।
भाषा सुमित रंजन
रंजन

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