अदालत ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के लिए मैंग्रोव काटने की मंजूरी दी
अदालत ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के लिए मैंग्रोव काटने की मंजूरी दी
मुंबई, चार अगस्त (भाषा) बम्बई उच्च न्यायालय ने मंगलवार को मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर 13 किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन के निर्माण के लिए मैंग्रोव के पेड़ों को काटने की अनुमति दे दी।
अदालत ने कहा कि यह परियोजना ‘‘राष्ट्रीय महत्व’’ की है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की पीठ ने कहा कि पालघर जिले के दहानू से अंबरसेराई के बीच विद्युत लाइन बिछाने के लिए मैंग्रोव क्षेत्र के उपयोग में बदलाव और पेड़ों की कटाई के प्रस्ताव की सक्षम अधिकारियों ने जांच कर मंजूरी दे दी।
पीठ ने कहा कि प्रस्तावित परियोजना स्थल से सैकड़ों किलोमीटर दूर सोलापुर जिले में प्रतिपूरक वनीकरण करना केवल आंकड़ों की औपचारिकता पूरी करता है, लेकिन इससे स्थानीय पारिस्थितिकी संतुलन बहाल करने में मदद नहीं मिलती। अदालत ने यह आदेश महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड की याचिका पर दिया।
कंपनी ने दहानू सब-स्टेशन से पालघर जिले में प्रस्तावित अंबरसेराई ट्रैक्शन सब-स्टेशन तक 132 किलोवाट विद्युत लाइन बिछाने के लिए मैंग्रोव के पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी थी।
करीब 13 किलोमीटर लंबी यह लाइन कुछ हिस्सों में मैंग्रोव वन भूमि और निजी वन क्षेत्र से होकर गुजरेगी तथा इससे हाई-स्पीड रेल प्रणाली को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
भाषा राखी जितेंद्र
जितेंद्र

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