मणिपुर जैसी घटना हो तो सड़कों पर उतरें: शदर पवार ने राकंपा की महिला इकाई से कहा

मणिपुर जैसी घटना हो तो सड़कों पर उतरें: शदर पवार ने राकंपा की महिला इकाई से कहा

मणिपुर जैसी घटना हो तो सड़कों पर उतरें: शदर पवार ने राकंपा की महिला इकाई से कहा
Modified Date: October 11, 2023 / 08:05 pm IST
Published Date: October 11, 2023 8:05 pm IST

मुंबई, 11 अक्टूबर (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को कहा कि अगर मणिपुर जैसी घटना होती है तो पार्टी की महिला इकाई को मामला दर्ज होने की चिंता किए बिना सड़कों पर उतरना चाहिए।

राकांपा की महिला इकाई की सदस्यों को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि पैतृक संपत्ति में महिलाओं को हिस्सा देने के उनकी सरकार के फैसले को सही से लागू नहीं किया गया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘हमारे पास मणिपुर सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाया गया, व्यक्तिगत हमले किए गए और हत्या कर दी गई। अगर ऐसा कुछ होता है राकांपा की महिला इकाई को सड़क पर उतरना चाहिए। वे आपके खिलाफ मामला दर्ज करेंगे, लेकिन इससे घबराना नहीं चाहिए।’’

पवार ने कहा कि महिलाओं को पैतृक संपत्ति में हिस्सा देने के फैसले को उस तरह लागू नहीं किया गया है, जिस तरह से किया जाना चाहिए था।

उन्होंने कहा, ‘‘जब हम सत्ता में थे तो किसानों के 7/12 (जमीन) दस्तावेज में दोनों (बेटे और बेटी) का नाम होता था। हमने इसे कुछ जगहों पर लागू भी कर दिया था, लेकिन शत प्रतिशत लागू नहीं किया जा सका। हमें इस पर काम करना होगा और सरकार से भी आग्रह करना होगा।’’

पवार ने 1993 से 1995 के बीच महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री रहते हुए यह निर्णय लिया था।

उन्होंने कहा कि जब वह रक्षा मंत्री थे तो उन्होंने सेना की अनिच्छा के बावजूद सशस्त्र बलों की तीनों इकाइयों में महिलाओं को 11 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया।

शिवसेना-भाजपा-राकांपा (अजित पवार) गठबंधन सरकार पर निशाना साधते हुए पवार ने कहा कि जनवरी से मई के बीच राज्य में 19 हजार से अधिक महिलाओं के लापता होने की खबर है।

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और शरद पवार के भरोसेमंद अनिल देशमुख ने राज्य विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान इस संबंध में सवाल उठाया था।

पवार ने यह भी कहा कि सरकारी नौकरियां उपलब्ध हैं, लेकिन रिक्तियों को भरा नहीं जा रहा।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार का लक्ष्य अनुबंध के आधार पर कार्यबल की नियुक्ति करना है, जिससे आरक्षण के तहत रोजगार के पात्र गरीब लोग वंचित हो जाएंगे।’’

पवार ने सरकारी स्कूलों को निजी कंपनियों को गोद देने की नीति की भी आलोचना की।

भाषा खारी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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