ठाणे, आठ अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे की एक अदालत ने एक पुलिस कांस्टेबल की हत्या के प्रयास के आरोप में आठ लोगों को बरी कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में पीड़ित द्वारा अपने हमलावरों की पहचान करने में असमर्थता और अभियोजन पक्ष के प्रमुख गवाहों के मुकर जाने का हवाला दिया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वी. एल. भोसले ने छह अप्रैल को अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष अपने मामले को संदेह के परे साबित करने में विफल रहा।
इस आदेश की एक प्रति बुधवार को उपलब्ध कराई गई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 21 अप्रैल, 2016 को शहर के उपवन इलाके में एक बार के बाहर कांस्टेबल भास्कर सोनावणे पर लाठियों और बीयर की बोतलों से हमला किया गया था। होटल प्रबंधन और कमलेश नामक एक ग्राहक के बीच विवाद के बाद कमलेश का भाई अरुण 10-15 लोगों को लेकर घटनास्थल पर आया था।
अदालत को सुनवाई के दौरान बताया गया कि उस वक्त सोनावणे एक मुखबिर से मिलने के लिए घटनास्थल पर मौजूद थे। इस हमले में उनकी खोपड़ी में फ्रैक्चर और मस्तिष्क में चोटें आईं थीं।
इसके बाद आठों आरोपियों पर हत्या के प्रयास का आरोप लगाया गया।
अदालत ने गौर किया कि घटना रात के समय घटने की वजह से कांस्टेबल खुद ‘किसी भी आरोपी को हमलावर के रूप में नहीं पहचान सका तथा हमले के बाद वह बेहोश हो गया था।’’
इसके अतिरिक्त, न्यायाधीश ने कहा मामले के मूल शिकायतकर्ता होटल के साझेदार राजेश शेट्टी और प्रबंधक नवीन गौड़ा दोनों मुकर गए।
भाषा
प्रचेता वैभव
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