ठाणे की अदालत ने एक व्यक्ति को अपनी पत्नी की हत्या के आरोप से बरी किया

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ठाणे की अदालत ने एक व्यक्ति को अपनी पत्नी की हत्या के आरोप से बरी किया

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  • Publish Date - September 1, 2026 / 03:27 PM IST,
    Updated On - September 1, 2026 / 03:27 PM IST

ठाणे, एक सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने एक महिला की मौत के मामले में हत्या और आपराधिक धमकी के आरोपी उसके पति को यह कहते हुए बरी कर दिया कि मौत से पूर्व पीड़िता द्वारा अपनी मां के समक्ष दिये गये बयान की पुष्टि नहीं हुई तथा शिकायत दर्ज कराने में भी देरी हुई।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वी एल भोसले ने संजय योगेश्वर यादव को पत्नी रमा (25) की मौत के मामले में हत्या, गलत तरीके से बंधक बनाने और आपराधिक धमकी के आरोपों से बरी कर दिया।

न्यायाधीश भोसले ने कहा कि 49 प्रतिशत जल जाने पर रमा के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उसकी मां ने 15 दिनों तक कोई पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।

अदालत ने 27 अगस्त को अपना फैसला सुनायी जिसकी प्रति सोमवार को उपलब्ध करायी गयी।

अभियोजन पक्ष ने दावा किया था कि 26 अप्रैल 2014 को यादव ने रमा को ज़बरदस्ती कैद किया, भूखा रखा और पीटा और फिर उस पर केरोसिन डाल जला दिया। वह 49 प्रतिशत तक जल गई थी और 11 मई 2014 को उसकी मौत हो गई।

न्यायाधीश भोसले ने कहा, ‘‘अभियोजन पक्ष की गवाह ने जिरह के दौरान खुद स्वीकार किया कि रमा के जीवित रहते उसने कोई शिकायत नहीं की थी। यही बात गवाह (रमा की मां) के इस दावे की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है कि उसकी बेटी ने मौत से पहले उसे बताया था कि उसकी किस तरह हत्या करने की कोशिश की गयी।’’

अदालत ने यह भी कहा कि रमा की बड़ी बहन ने माना कि उसे याद नहीं था कि उसकी छोटी बहन ने उसे बताया था कि स्टोव फट गया था या उसके पति ने उसे आग लगा दी थी।

आरोपी को बरी करते हुए अदालत ने कहा, ‘‘ चिकित्सा अधिकारी ने खुद जिरह के दौरान माना कि ‘हादसे में भी इस तरह के जख्म हो सकते हैं।’…इस मामले में सिर और सिर की त्वचा पर दाग के निशान न होना, जमीन-पर ही आग लग जाने (जैसे कि स्टोव के फटने) की घटना से ज्यादा मेल खाता है…।’’

भाषा राजकुमार पवनेश

पवनेश