Supreme Court Student Protest / Image Source : File
नई दिल्ली : Supreme Court Student Protest : सुप्रीम कोर्ट ने 20 से 25 जुलाई के बीच हुए छात्र आंदोलन को लेकर देशभर के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में दर्ज सभी एफआईआर (FIR) पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाते हुए उन्हें रद्द करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निर्णय सुनाया, ताकि आंदोलन में शामिल निर्दोष छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
अदालत ने स्पष्ट किया है कि 20 से 25 जुलाई की घटनाओं के संबंध में अब पूरे देश में कोई भी नई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। हालाँकि, कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जंतर-मंतर पर मौजूद उन 2,873 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच करने की अनुमति दी है, जिनका पूर्व में हत्या, दुष्कर्म और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों का क्रिमिनल रिकॉर्ड रहा है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को सूचित किया कि केंद्र सरकार NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने के अपने वादे पर कायम है और इसके लिए तीन महीने का समय मांगा है। वहीं सरकार के इस सकारात्मक रुख के बाद सीजीपी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने 5 सितंबर को दिल्ली में होने वाले प्रोटेस्ट मार्च को आधिकारिक रूप से वापस लेने का ऐलान कर दिया।
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