ठाणे, 17 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सामूहिक दुष्कर्म और लूट के मामले के एक आरोपी को पुलिस ने एक वर्ष तलाश करने के बाद पुणे से गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
नायगांव पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक संजय हजारे ने बताया कि आरोपी की पहचान नागेश केशव गायकवाड़ (22) के रूप में हुई है। वह उस समूह में शामिल था जिसने कथित तौर पर नवंबर 2024 में एक महिला को नौकरी दिलाने का झांसा देकर बंधक बनाया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
उन्होंने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी अपनी पहचान छिपाकर गिरफ्तारी से बच रहा था। सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने कामशेत में उसका पता लगाया और रविवार को हिरासत में ले लिया।
यह मामला 27 नवंबर, 2024 का है जब महिला रोजगार की तलाश में यहां से पुणे गई थी। साक्षात्कार में असफल होने के बाद उसने अपने पति के मित्र पवन राजेंद्र प्रसाद सब्बत (29) से संपर्क किया, जिसने उसे नौकरी दिलाने का वादा किया।
अधिकारी ने बताया कि सब्बत ने उसे बहला-फुसलाकर ठाणे के मीरा रोड बुलाया, जहां उसने कथित तौर पर उसे एक कमरे में बंद कर दिया।
जांच में पता चला कि सब्बत और उसके दो साथी धनराज चव्हाण (21) और अभिषेक पुजारी (22) ने कथित तौर पर कई दिनों तक महिला का यौन उत्पीड़न किया। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने महिला से उसका मोबाइल फोन, सोने के गहने और नकदी लूट ली, जिनकी कुल कीमत 75,000 रुपये थी।
आरोप है कि सब्बत ने पीड़िता के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाकर उसकी तस्वीरें अपलोड कीं और उसे परेशान किया।
हजारे ने बताया कि गायकवाड़ पर महिला से छेड़छाड़ करने और लूटपाट में शामिल होने का आरोप है।
इससे पहले नायगांव पुलिस ने सब्बत, चव्हाण और पुजारी को गिरफ्तार किया था।
हजारे ने कहा, ‘हमने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं, जिनमें 64(2)(एम) (बलात्कार), 309(1) (लूट), 70 (सामूहिक बलात्कार) और 75(1)(4) (यौन उत्पीड़न) शामिल हैं, तथा सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान गायकवाड़ ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।’
भाषा तान्या शोभना
शोभना