ठाणे, नौ जून (भाषा) ठाणे स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 2021 में एक सड़क दुर्घटना में मारे गए तकनीशियन के परिवार को 54.62 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
पीड़ित की एक ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई थी।
एमएसीटी के सदस्य आर.वी. मोहिते ने छह जून को पारित आदेश में ट्रक के बीमाकर्ता को दावेदारों को मुआवजा देने और बीमा शर्तों के उल्लंघन के कारण वाहन की मालिक परिवहन कंपनी से राशि वसूलने का निर्देश दिया।
पीड़ित उदयभान बंसराज गुप्ता एयर कंडीशनर तकनीशियन के रूप में काम करते थे। दावेदारों में शामिल उनकी पत्नी, बेटे और मां के अनुसार, 23 मार्च, 2021 को वह महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली से नवी मुंबई के तुरभे की ओर स्कूटर से जा रहे थे, तभी महापे-इंदिरा नगर सड़क पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से उनकी स्कूटर को टक्कर मार दी।
गुप्ता की इस दुर्घटना में मृत्यु हो गई और तुरभे पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया।
ट्रक के बीमाकर्ता ने दावे का विरोध करते हुए दलील दी कि तुरभे लापरवाही से वाहन चला रहा था और उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। हालांकि, न्यायाधिकरण ने इन दावों को यह कहकर खारिज कर दिया कि तुरभे के पास 2025 तक वैध लाइसेंस था और ट्रक चालक के पास दुर्घटना को टालने का अंतिम अवसर था।
न्यायाधिकरण ने यह भी पाया कि ट्रक के पास वैध फिटनेस और परमिट प्रमाण पत्र थे लेकिन दुर्घटना के समय उसके चालक के पास वैध और प्रभावी ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था जो मालिक द्वारा बीमा की शर्तों का जानबूझकर उल्लंघन माना जाता है।
एमसीटी ने कहा कि ट्रक मालिक ने बीमा की शर्तों का उल्लंघन किया है। ऐसी परिस्थितियों में विपक्षी बीमा कंपनी को पहले मुआवजे की राशि का भुगतान करना चाहिए और फिर उसे वाहन मालिक से वसूल करना चाहिए।
न्यायाधिकरण ने विरोधियों को याचिका की तारीख से लेकर राशि की वसूली तक नौ प्रतिशत प्रति वर्ष की ब्याज दर के साथ 54,62,730 रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया।
भाषा सुरभि मनीषा
मनीषा