मराठा आरक्षण पर गठित न्यायमूर्ति शिंदे समिति का कार्यकाल बढ़ाया गया

मराठा आरक्षण पर गठित न्यायमूर्ति शिंदे समिति का कार्यकाल बढ़ाया गया

मराठा आरक्षण पर गठित न्यायमूर्ति शिंदे समिति का कार्यकाल बढ़ाया गया
Modified Date: June 3, 2026 / 09:14 pm IST
Published Date: June 3, 2026 9:14 pm IST

मुंबई, तीन जून (भाषा) महाराष्ट्र सरकार ने मराठा आरक्षण पर गठित न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) संदीप शिंदे समिति का कार्यकाल बुधवार को 30 जून 2027 तक बढ़ाने का निर्णय लिया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।

यह निर्णय मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे द्वारा सरकार के साथ बातचीत के बाद अपनी हालिया भूख हड़ताल समाप्त करने के कुछ दिनों बाद आया है। यह निर्णय वरिष्ठ मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल की अध्यक्षता में मराठा आरक्षण पर कैबिनेट उप-समिति की बैठक में लिया गया।

सरकार ने सितंबर 2023 में शिंदे समिति का गठन किया था ताकि ऐतिहासिक कुनबी अभिलेखों की जांच करने और मराठा समुदाय के पात्र सदस्यों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की जा सके।

बुधवार को मंत्रिमंडल की उप-समिति ने विशेष मराठा आरक्षण प्रकोष्ठ स्थापित करने और जिलाधिकारी कार्यालयों में हेल्पलाइन शुरू करने का भी निर्णय लिया, ताकि लोगों को अपने रिकॉर्ड ढूंढने और कुनबी जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में सहायता मिल सके।

विज्ञप्ति के अनुसार, विखे-पाटिल ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे समन्वय से काम करें ताकि मराठा आरक्षण के मुद्दे पर दिए गए आश्वासनों को निर्धारित समय सीमा के भीतर लागू किया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले को संभालने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जरांगे ने मराठा आरक्षण के लिए अपना हालिया अनशन पिछले सप्ताह समाप्त कर दिया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले से ही चिह्नित किए गए 58 लाख कुनबी अभिलेखों के आधार पर प्रमाण पत्र प्रदान करने पर सहमति जताई है।

मराठा आरक्षण कार्यकर्ता, समुदाय के सदस्यों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग कर रहे हैं ताकि वे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण का लाभ उठा सकें।

भाषा

शुभम सुभाष

सुभाष


लेखक के बारे में