तिरुपति लड्डू विवाद : तेदेपा ने उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया

तिरुपति लड्डू विवाद : तेदेपा ने उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया

तिरुपति लड्डू विवाद : तेदेपा ने उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया
Modified Date: February 23, 2026 / 03:13 pm IST
Published Date: February 23, 2026 3:13 pm IST

अमरावती, 23 फरवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश की सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय द्वारा भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस याचिका को खारिज करने का स्वागत किया, जिसमें उन्होंने तिरुमला लड्डू विवाद पर एसआईटी रिपोर्ट की समीक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित एक सदस्यीय समिति को चुनौती दी थी।

तेदेपा के प्रवक्ता एन. विजय कुमार ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले से यह पुष्टि होती है कि राज्य सरकार को दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए आयोग गठित करने का पूरा अधिकार है।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हम उच्चतम न्यायालय के निर्देश का स्वागत करते हैं। अत: राज्य सरकार को उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित (सीबीआई के नेतृत्व वाली) विशेष जांच टीम द्वारा प्रस्तुत सारांश रिपोर्ट की जांच के लिए एक समिति गठित करने का पूरा अधिकार है।’’

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्य सचिव दिनेश कुमार की अध्यक्षता में गठित एक सदस्यीय समिति आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही समानांतर जांच नहीं है, बल्कि इसे केवल प्रशासनिक मुद्दों के लिए गठित किया गया है।

एक सदस्यीय समिति अब सेवानिवृत्त हो चुके कुछ वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ कर सकती है।

एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली सरकार ने घी में मिलावट के विवाद में दोषी व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की सिफारिश करने के लिए सारांश रिपोर्ट की जांच करने के वास्ते सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दिनेश कुमार को एक सदस्यीय समिति के रूप में नियुक्त किया था।

उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित एसआईटी द्वारा जांच पूरी करने और आरोपपत्र दाखिल करने के बाद ही इस एक सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।

भाषा गोला दिलीप

दिलीप


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