दर्शन के बदले नकद घोटाले में त्र्यम्बकेश्वर मंदिर का एक न्यासी गिरफ्तार

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दर्शन के बदले नकद घोटाले में त्र्यम्बकेश्वर मंदिर का एक न्यासी गिरफ्तार

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  • Publish Date - April 14, 2026 / 05:39 PM IST,
    Updated On - April 14, 2026 / 05:39 PM IST

नासिक (महाराष्ट्र), 14 अप्रैल (भाषा) त्र्यम्बकेश्वर मंदिर में ‘वीआईपी’ सुविधा के तहत जल्दी दर्शन कराने के लिए अज्ञात लोगों द्वारा बिना रसीद के कुछ श्रद्धालुओं से कथित रूप से 3000-3000 रुपये लेने के कुछ दिन बाद मंदिर न्यास के एक न्यासी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस अधीक्षक (नासिक ग्रामीण) बालासाहेब पाटिल ने बताया, ‘‘त्र्यम्बकेश्वर देवस्थान न्यास के न्यासी पुरुषोत्तम कडलाग को सोमवार देर रात करीब एक बजे गिरफ्तार किया गया। यह साक्ष्य आधारित कार्रवाई है। हमने अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है। कुछ और नाम सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि के बाद जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।’’

आरोपियों को 20 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

नासिक के दो श्रद्धालुओं के साथ 11 अप्रैल को त्र्यम्बकेश्वर मंदिर में कथित तौर पर ठगी हुई। उनके पास 200 रुपये के दर्शन पास होने के बावजूद, एक संदिग्ध ने उन्हें 10 मिनट के भीतर वीआईपी दर्शन कराने की खातिर 3,000 रुपये देने के लिए राजी कर लिया। आरोपी और उसके एक साथी ने उन्हें मंदिर में प्रवेश तो करवा दिया, लेकिन कोई रसीद नहीं दी।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत गोतिराम मनाजी पेहर और अभिषेक कडलाग के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अभिषेक गिरफ्तार न्यासी पुरुषोत्तम कडलाग का भतीजा है।

पेहर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अभिषेक कडलाग फरार है।

पुलिस ने बताया कि अभिषेक से पूछताछ के दौरान पुरुषोत्तम कडलाग की कथित संलिप्तता सामने आई। उसने यह भी बताया कि कुछ एजेंट मंदिर के आसपास घूमते थे और उन लोगों को निशाना बनाते थे जो जल्दी दर्शन करना चाहते थे।

पुलिस ने बताया, ‘‘वे ऐसे श्रद्धालुओं को रसीद दिए बिना ‘वीआईपी दर्शन’ सुविधा के नाम पर अतिरिक्त पैसे देने के लिए मना लेते थे। वे समूह बुकिंग की सुविधा भी देते थे और हर दिन खूब पैसा कमाते थे।’’

नासिक के पास स्थित भगवान त्र्यम्बकेश्वर मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। वहां दर्शन के लिए दुनियाभर से श्रद्धालु आते हैं। आधिकारिक नियमों के अनुसार, 200 रुपये का दर्शन पास उपलब्ध है।

भाषा राजकुमार अविनाश

अविनाश