UCC in Maharashtra State: इस भाजपा शासित राज्य में भी लागू होने वाली है UCC.. सरकार ने बनाई 7 मेंबर वाली कमेटी, यहां डेढ़ करोड़ से ज्यादा है मुस्लिम जनसँख्या

Ads

UCC to be Implemented in Maharashtra: महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी तेज, जस्टिस रंजना देसाई समिति छह महीने में रिपोर्ट सौंपेगी।

  •  
  • Publish Date - July 9, 2026 / 04:06 PM IST,
    Updated On - July 9, 2026 / 04:07 PM IST

UCC to be Implemented in Maharashtra || AI Generated File

HIGHLIGHTS
  • यूसीसी मसौदे के लिए सात सदस्यीय समिति गठित।
  • जस्टिस रंजना देसाई करेंगी समिति की अध्यक्षता।
  • छह महीने में रिपोर्ट, शीतकालीन सत्र में विधेयक संभव।

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में यूसीसी यानी समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। (UCC to be Implemented in Maharashtra) मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में घोषणा की कि यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए 7 सदस्यीय समिति बनाई गई है। इस समिति की अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश रंजना देसाई करेंगी।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े

कौन-कौन है समिति में शामिल?

समिति में पूर्व हाईकोर्ट के दो न्यायाधीश, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य सचिव, पूर्व महाधिवक्ता, एक सामाजिक कार्यकर्ता और एक शिक्षाविद को शामिल किया गया है। यह समिति यूसीसी से जुड़े कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि समिति छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इसके आधार पर सरकार समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करेगी। सरकार की कोशिश है कि इसे नागपुर में होने वाले शीतकालीन विधानसभा सत्र में पेश किया जाए।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े

ज्यादातर बीजेपी शासित राज्य बढ़ रहे हैं आगे

फडणवीस ने कहा कि सरकार संविधान के सभी प्रावधानों का पालन करते हुए आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करना है। (UCC to be Implemented in Maharashtra) मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तराखंड, जिसने सबसे पहले यूसीसी लागू किया, और असम, जिसने हाल ही में यूसीसी कानून पारित किया है, उनके अनुभवों का भी अध्ययन किया जाएगा।

‘सभी की ली जाये सहमति’ : साजिद रशीदी, अध्यक्ष ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन

इस पूरे मामले पर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि, ” समान नागरिक संहिता (UCC) राज्यों का अधिकार है, इसमें कोई दो राय नहीं है। राज्य UCC लागू कर सकते हैं। लेकिन संविधान सभा में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का जो अंतिम बयान था, उसे भी देखना चाहिए। उन्होंने कहा था कि UCC राज्यों का विषय है, लेकिन इसे लागू करने से पहले राज्य के लोगों की राय लेना बहुत जरूरी है। अगर सभी की सहमति हो जाए, तब इसे लागू किया जाए। यहां बिना राय लिए UCC लाया जा रहा है, यह गलत है। सरकारों को इस पर विचार करना चाहिए और मुसलमानों के अधिकारों को छीनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।”

इन्हें भी पढ़ें:

यूक्रेनी ड्रोन हमले में रूस की तेल रिफाइनरी को बनाया गया निशाना

ट्रंप का दावा: पिछले साल भारत-पाक संघर्ष में 11 लड़ाकू विमान गिरे; विवाद सुलझाने की बात दोहराई

युवी पाजी, रिकी सर की वजह से यहां तक पहुंचा : भारतीय टीम में चुने जाने पर प्रभसिमरन

मैक्सिको इंग्लैंड मैच ने दर्शक संख्या में अमेरिका में बनाया रिकॉर्ड

प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर जनरल मोस्टिन से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की

महाराष्ट्र में यूसीसी के लिए किसकी अध्यक्षता में समिति बनी है?

पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश जस्टिस रंजना देसाई समिति की अध्यक्ष बनाई गई हैं।

समिति को रिपोर्ट देने के लिए कितना समय मिला है?

समिति को छह महीने के भीतर अपनी सिफारिशों सहित रिपोर्ट सौंपनी है।

यूसीसी विधेयक कब पेश किया जा सकता है?

सरकार समिति की रिपोर्ट के आधार पर नागपुर शीतकालीन सत्र में विधेयक ला सकती है।