वडेट्टीवार का दावा: मराठा नेताओं के पास ओबीसी प्रमाण पत्र; सुले का नाम लेने पर बाद में मांगी माफी

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वडेट्टीवार का दावा: मराठा नेताओं के पास ओबीसी प्रमाण पत्र; सुले का नाम लेने पर बाद में मांगी माफी

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  • Publish Date - August 27, 2026 / 05:44 PM IST,
    Updated On - August 27, 2026 / 05:44 PM IST

नागपुर, 27 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि सुप्रिया सुले समेत कई वरिष्ठ मराठा नेताओं ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) प्रमाण पत्र हासिल कर लिए हैं। हालांकि, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले द्वारा दावा साबित करने की चुनौती दिए जाने के बाद उन्होंने ‘अनजाने में’ उनका नाम लेने पर खेद व्यक्त किया।

महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन ‘महा विकास आघाडी’ (एमवीए) और राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडिया’ गठबंधन में कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (एसपी) सहयोगी दल हैं।

वडेट्टीवार से ओबीसी कार्यकर्ता लक्ष्मण हाके के उस आरोप के बारे में पूछा गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र के एक मंत्री ने ओबीसी श्रेणी का प्रमाण पत्र हासिल किया है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए वडेट्टीवार ने दावा किया, ‘आधी मराठा आबादी ने ओबीसी श्रेणी का प्रमाण पत्र ले लिया है… लगभग 90 प्रतिशत लोगों ने।’

कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता ने आरोप लगाया, ‘(आरक्षण कार्यकर्ता) मनोज जरांगे को शायद यह नहीं मालूम होगा कि सुप्रिया सुले सहित लगभग सभी बड़े (मराठा) नेताओं के पास ओबीसी जाति प्रमाण पत्र है। लगभग हर किसी ने ओबीसी श्रेणी का प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया है। अब यह ऐसा हो गया है जैसे ओबीसी सामान्य श्रेणी बन गयी हो और बाकी लोग ओबीसी; हर कोई 27 प्रतिशत ओबीसी कोटे में शामिल होने की कोशिश कर रहा है।’

जरांगे मांग कर रहे हैं कि मराठों को ‘कुनबी’ जाति प्रमाण पत्र दिए जाएं ताकि वे ओबीसी आरक्षण का लाभ उठा सकें। महाराष्ट्र में खेती-किसानी से जुड़े कुनबी समुदाय को ओबीसी श्रेणी में रखा गया है और उन्हें शिक्षा तथा सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलता है।

राकांपा (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने वडेट्टीवार की टिप्पणी पर कड़ा पलटवार करते हुए उनसे माफी मांगने को कहा।

बारामती से सांसद सुले ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘विजय वडेट्टीवार ने मुझ पर सरासर झूठा आरोप लगाया है कि मेरे पास ओबीसी प्रमाण पत्र है। उन्हें सार्वजनिक रूप से यह बताना चाहिए कि उन्हें मेरे पास ओबीसी प्रमाण पत्र होने की यह जानकारी किसने और किस आधार पर दी।’

उन्होंने कहा, ‘इसके अलावा, यदि उनका यह दावा है कि मेरे पास ओबीसी प्रमाण पत्र है, तो उन्हें उस संबंध में सार्वजनिक रूप से सबूत पेश करने चाहिए और इसे साबित करना चाहिए। अन्यथा, बिना किसी सबूत के लगाए गए इस आरोप के लिए उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।’

वडेट्टीवार ने बाद में अपनी टिप्पणी पर अफसोस जताया और कहा कि उन्होंने ‘अनजाने में’ सुले का नाम ले लिया था।

उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘ओबीसी प्रमाण पत्र मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करते समय अनजाने में सुप्रिया सुले का नाम आ गया था। उनके खिलाफ आरोप लगाने का मेरा कोई इरादा नहीं था। अनजाने में उनका नाम लिए जाने पर मैं खेद व्यक्त करता हूं।’

हालांकि, कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि मराठा नेताओं द्वारा ओबीसी प्रमाण पत्र हासिल करने को लेकर उनका रुख बदल गया है।

भाषा सुमित माधव

माधव

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