अजित पवार की मौत के मामले में अब तक प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज हुई : सुप्रिया सुले

अजित पवार की मौत के मामले में अब तक प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज हुई : सुप्रिया सुले

अजित पवार की मौत के मामले में अब तक प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज हुई : सुप्रिया सुले
Modified Date: September 2, 2026 / 08:06 pm IST
Published Date: September 2, 2026 8:06 pm IST

ठाणे, दो सितंबर (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने प्रधानमंत्री की तस्वीर हटाने को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) नेता अमित ठाकरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, लेकिन तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत के मामले में अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।

सुले ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ठाणे में प्रस्तावित या आने वाली बड़ी परियोजनाओं, जैसे रिंग मेट्रो और अमेजन डेटा सेंटर, का भी विरोध किया और कहा कि स्थानीय निवासी इनके खिलाफ हैं।

सुले ने पुणे के एक सरकारी पॉलिटेक्निक के एक कार्यालय की दीवार से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर कथित तौर पर हटाने के मामले में अमित ठाकरे के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी का उल्लेख किया।

बारामती की सांसद सुले ने कहा, ‘‘आप सिर्फ दीवार से एक तस्वीर हटाने के लिए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर देते हैं, लेकिन एक ऐसी बड़ी विमान दुर्घटना हुई जिसमें मौजूदा उपमुख्यमंत्री की जान चली गई और अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे भाई (उनके चचेरे भाई अजित पवार) की मौत के संबंध में प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं की गई? हमने अपने परिवार के एक प्रमुख सदस्य को खो दिया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) मौजूदा सरकार का हिस्सा है… क्या उनके 40 विधायकों या आठ-नौ मंत्रियों में से किसी ने कभी मेरे भाई की मौत के मामले में प्राथमिकी या उचित जांच की मांग करते हुए एक शब्द भी कहा है? हमारा भाई चला गया और वे सत्ता का आनंद ले रहे हैं।’’

शहर में प्रस्तावित अमेजन डेटा सेंटर के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ स्थानीय निवासियों के उनके पास आने के बाद उन्होंने ठाणे के सांसद नरेश म्हस्के से संपर्क करके उन्हें स्थानीय लोगों के विरोध से अवगत कराया।

करोड़ों रुपये की रिंग मेट्रो परियोजना की आलोचना करते हुए सुले ने कहा कि ठाणे के निवासियों को इसके बजाय बेहतर सार्वजनिक बस सेवा की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ‘‘जो काम बस सेवा के जरिए 500 रुपये में हो सकता है, उस पर 1,000 रुपये क्यों खर्च किए जाएं? इस सरकार को केवल वही परियोजनाएं पसंद हैं जो महंगी हों। गरीबों, वंचितों या पीड़ितों के लिए इनके पास धन नहीं है, लेकिन महंगी परियोजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये हैं।’’

सुले ने सड़कों की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में कहीं भी यात्रा करने का मतलब ‘‘सड़कों के बीच गड्ढों से होकर गुजरना’’ है। सांसद ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी करते हुए महंगी और बड़ी परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

भाजपा द्वारा हाल में जारी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि के आंकड़ों का जश्न मनाए जाने पर टिप्पणी करते हुए सुले ने कहा कि अर्थव्यवस्था में गिरावट को लेकर आर्थिक विशेषज्ञों की राय और आधिकारिक आंकड़ों में विसंगतियां हैं।

भाषा अमित माधव

माधव


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