Chaitra Navratri 2026: क्या आप जानते हैं? नवरात्रि में मंदिर के अलावा भी इन जगहों पर दीया जलाने से मिलती है विशेष आशीर्वाद और लाती हैं अपार लाभ!

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Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि में केवल मंदिर में ही नहीं, बल्कि कुछ खास स्थानों पर दीया जलाने से माता रानी का आशीर्वाद मिलता है। ये स्थान घर या पूजा स्थल में विशेष महत्व रखते हैं और यहां अखंड ज्योत जलाने से सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

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  • Publish Date - March 20, 2026 / 12:55 PM IST,
    Updated On - March 20, 2026 / 12:55 PM IST

(Chaitra Navratri 2026/ Image Credit: Pexels)

HIGHLIGHTS
  • नवरात्रि के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा का महत्व।
  • घर में प्रवेश द्वार, तुलसी, रसोई, अलमारी और आंगन में दीया जलाना शुभ।
  • दीया जलाने से घर में सुख, शांति और समृद्धि बढ़ती है।

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि शक्ति की उपासना के लिए विशेष महत्व रखता है। आज नवरात्रि का दूसरा दिन है और यह दिन माता ब्रह्मचारिणी को समर्पित है। नवरात्रि के नौ दिन माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा पूरे विधि-विधान के अनुसार होती है। इस समय भक्त कलश स्थापना करते हैं और अखंड ज्योत जलाकर भक्ति भाव से मां दुर्गा की आराधना करते हैं।

नवरात्रि में दीया जलाने का महत्व

मंदिर में अखंड ज्योत जलाना माता की उपस्थिति का संकेत माना जाता है। इसके अलावा, नवरात्रि में कुछ विशेष स्थानों पर दीया जलाने से माता रानी का आशीर्वाद कई गुना बढ़कर मिलता है। यह घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है और परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बढ़ाता है। आइए जानते हैं किन स्थानों पर दीया जलाना शुभ माना जाता है।

घर के इन प्रमुख स्थानों पर दीया जलाएं

  • मुख्य द्वार पर: घर के मुख्य द्वार का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि में शाम को सूर्यास्त के बाद मुख्य द्वार के दाई ओर घी या तेल का दीया जरूर जलाएं। ऐसा करने से घर की नकारात्मकता दूर होती है और माता रानी का आशीर्वाद मिलता है।
  • रसोई में: रसोई में माता अन्नपूर्णा की उपस्थिति मानी जाती है। रात के समय रसोई में दीया जलाने से अन्न और धन की कमी नहीं होती।
  • धन स्थान पर: इसी तरह घर की अलमारी या तिजोरी में दीया जलाना माता लक्ष्मी और देवी दुर्गा की कृपा को बढ़ाता है।
  • तुलसी के पास: तुलसी माता को लक्ष्मी का रूप माना जाता है। नवरात्रि में रोजाना शाम को तुलसी के पास घी का दीया रखें। इससे घर का वास्तु दोष दूर होता है और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
  • आंगन में: नवरात्रि के नौ दिनों तक आंगन में दीया जलाना शुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार, घर के बीचों-बीच दीया जलाने से घर में शांति और समृद्धि बनी रहती है। इस प्रकार नवरात्रि में इन सभी स्थानों पर दीया जलाने से परिवार पर माता का विशेष आशीर्वाद बना रहता है।

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नवरात्रि में अखंड ज्योत का महत्व क्या है?

अखंड ज्योत माता की उपस्थिति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, इसे जलाने से घर में शांति और भक्ति का माहौल बनता है।

घर में किन-किन स्थानों पर दीया जलाना शुभ माना जाता है?

प्रवेश द्वार, तुलसी के पास, रसोई, अलमारी/तिजोरी और आंगन में दीया जलाना शुभ माना जाता है।

तुलसी के पास दीया जलाने का क्या लाभ है?

तुलसी माता लक्ष्मी का रूप मानी जाती हैं। नवरात्रि में दीया जलाने से वास्तु दोष दूर होता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

रसोई में दीया जलाने का महत्व क्या है?

रसोई में माता अन्नपूर्णा रहती हैं। दीया जलाने से घर में अन्न और धन की कमी नहीं होती।