Aaj Ka Panchang 15 April 2026: आज का दिन बना महाशक्तिशाली! प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का दुर्लभ संयोग, जानिए कैसे मिलेगा दोगुना फल और बदलेगी किस्मत

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Aaj Ka Panchang 15 April 2026: आज का दिन बना महाशक्तिशाली! प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का दुर्लभ संयोग, जानिए कैसे मिलेगा दोगुना फल और बदलेगी किस्मत

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  • Publish Date - April 15, 2026 / 06:44 AM IST,
    Updated On - April 15, 2026 / 06:45 AM IST

panchang today/ image source: ibc24

HIGHLIGHTS
  • शिव-गणेश पूजा का शुभ संयोग
  • प्रदोष-शिवरात्रि एक साथ व्रत
  • पंचक पूरे दिन प्रभावी रहेगा

Aaj Ka Panchang 15 April 2026: रायपुर: आज का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि बुधवार के साथ वैशाख प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का अद्भुत संयोग बना है। पंचांग के अनुसार, आज वैशाख कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जो रात 10:31 बजे तक रहेगी और उसके बाद चतुर्दशी शुरू होगी। इस दिन भगवान भगवान शिव और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि आज के दिन व्रत और पूजा करने से भक्तों को दोगुना फल प्राप्त होता है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं।

Aaj Ka Panchang: क्या कहता है आज का पंचांग

आज पूर्व भाद्रपद नक्षत्र दोपहर 3:22 बजे तक रहेगा, इसके बाद उत्तर भाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव शुरू हो जाएगा। वहीं ब्रह्म योग दोपहर 1:25 बजे तक रहेगा, जिसके बाद इंद्र योग प्रारंभ होगा। चंद्रमा सुबह 9:37 बजे तक कुंभ राशि में रहकर बाद में मीन राशि में प्रवेश करेगा। खास बात यह है कि आज पूरे दिन पंचक का प्रभाव रहेगा और रात 10:31 बजे से भद्रा काल शुरू होकर अगले दिन सुबह 5:55 बजे तक रहेगा। चूंकि भद्रा का वास धरती पर है, इसलिए इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी गई है।

Panchang 15 April 2026: ये हैं आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त

प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि के कारण आज का दिन शिवभक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रदोष काल की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:47 बजे से रात 9:00 बजे तक रहेगा। वहीं शिवरात्रि का निशिता मुहूर्त देर रात 11:59 बजे से 12:43 बजे तक है। इस दौरान भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।

व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लेना चाहिए और सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए। इसके बाद शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करना शुभ माना जाता है। पूजा में बेलपत्र, भांग, धतूरा, दूध, दही, शहद, फूल और फल अर्पित किए जाते हैं। इसके साथ ही शिव चालीसा का पाठ और व्रत कथा सुनना भी फलदायी माना गया है। पूजा के अंत में आरती कर अगले दिन पारण के साथ व्रत पूर्ण किया जाता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बुधवार के दिन बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए हरे रंग के वस्त्र पहनना, कांसे के बर्तन और हरी मूंग का दान करना शुभ माना जाता है। इससे बुद्धि, व्यापार और संचार क्षमता में वृद्धि होती है।

आज के शुभ मुहूर्तों की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:27 बजे से 5:11 बजे तक रहेगा, जबकि अमृत काल सुबह 7:37 बजे से 9:10 बजे तक है। विजय मुहूर्त दोपहर 2:30 बजे से 3:21 बजे तक रहेगा। वहीं राहुकाल दोपहर 12:21 बजे से 1:58 बजे तक रहेगा, जिसे अशुभ माना जाता है।

आज कौन-सा व्रत है?

प्रदोष व्रत और शिवरात्रि

पूजा का शुभ समय क्या?

शाम 6:47 से 9 बजे

निशिता मुहूर्त कब है?

रात 11:59 से 12:43