(Lunar Eclipse 2026/ Image Credit: IBC24 News Customize)
Lunar Eclipse 2026: साल 2026 की होली पर 100 साल बाद एक बहुत ही दुर्लभ खगोलीय संयोग बन रहा है। इस साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर पहला चंद्र ग्रहण लगेगा। चंद्र ग्रहण और भद्र का साया होली और होलिका दहन के समय भी रहेगा, इसलिए यह पर्व इस बार और भी खास बन गया है।
ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण के 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू होगा। सूतक काल में पूजा, धार्मिक अनुष्ठान और मंदिरों में गतिविधियां नहीं की जाती हैं। इस बार चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर 3:20 बजे से शुरू होगा और शाम 6:47 बजे तक रहेगा। इसका सूतक काल सुबह 6:20 बजे से प्रभावी होगा।
होली से एक दिन पहले यानी फाल्गुन पूर्णिमा के दिन होलिका दहन किया जाता है। इस साल होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 3 मार्च को शाम 6:48 बजे से रात 8:50 बजे तक है। कुछ पंचांगों में इसे 2 मार्च को शाम 5:56 बजे से प्रदोष काल में बताया गया है, लेकिन उस समय भद्रा का साया रहेगा।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, होलिका दहन भद्रा या सूतक काल में नहीं किया जाता। महिलाएं बच्चों की लंबी उम्र और परिवार की समृद्धि के लिए पूजा करती हैं। इस साल 3 मार्च को ग्रहण का सूतक समाप्त होने के बाद होलिका दहन करना उचित माना जा रहा है, भले ही पूर्णिमा तिथि समाप्त हो चुकी हो।
महिलाओं को होली का पूजन 2 मार्च को करना चाहिए, क्योंकि अगले दिन सुबह 6:20 बजे से ग्रहण का सूतक शुरू हो जाएगा। इस तरह 3 मार्च को होलिका दहन सुरक्षित तरीके से किया जा सकता है। दोनों दिन ध्यान से मुहूर्त देखकर पूजा और दहन करने से किसी भी दोष का असर नहीं पड़ेगा।