Holika Dahan 2026 Kab Hai: कहीं गलत दिन तो जला देंगे नहीं होलिका? 2 और 3 मार्च में कौन-सा दिन है शुभ? जानें सही जानकारी यहां

Holika Dahan 2026 Kab Hai: उदयातिथि के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा 3 मार्च को पड़ेगी और इसी दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी है। इसलिए लोग असमंजस में हैं कि होलिका दहन 2 मार्च को करें या 3 मार्च को। जानिए पंडितों ने किस दिन को ज्यादा शुभ माना है।

Holika Dahan 2026 Kab Hai: कहीं गलत दिन तो जला देंगे नहीं होलिका? 2 और 3 मार्च में कौन-सा दिन है शुभ? जानें सही जानकारी यहां

(Holika Dahan 2026 Kab Hai/ Image Credit: IBC24 News)

Modified Date: March 1, 2026 / 02:59 pm IST
Published Date: March 1, 2026 2:58 pm IST
HIGHLIGHTS
  • होलिका दहन की सही तारीख: 3 मार्च
  • 2 मार्च को भद्रा काल का प्रभाव
  • 3 मार्च को चंद्र ग्रहण भी रहेगा

Holika Dahan 2026 Kab Hai: हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है और अगले दिन रंगों वाली होली खेली जाती है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। लेकिन इस बार लोगों में तारीख को लेकर असमंजस है। कुछ लोग 2 मार्च को सही मान रहे हैं तो कुछ 3 मार्च को सही कह रहे हैं। इसकी मुख्य वजह भद्रा काल और चंद्र ग्रहण का संयोग है, जिससे सही दिन चुनना थोड़ा मुश्किल हो गया है।

पूर्णिमा, भद्रा और ग्रहण का संयोग

इस साल फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च की शाम 5 बजकर 56 मिनट से शुरू होकर 3 मार्च की शाम 5 बजकर 8 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार पूर्णिमा 3 मार्च को मानी जाएगी। इसी दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी है। 2 मार्च की शाम प्रदोष काल तो रहेगा, लेकिन उस समय भद्रा भी मौजूद होगी। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार भद्रा में होलिका दहन करना शुभ नहीं माना जाता।

किस दिन होगा होलिका दहन?

ज्योतिषविदों का कहना है कि होलिका दहन भद्रा मुक्त समय में किया जाना चाहिए। 3 मार्च को भद्रा काल नहीं रहेगा, हालांकि शाम तक पूर्णिमा तिथि समाप्त हो जाएगी और चंद्र ग्रहण का प्रभाव भी रहेगा। फिर भी उदयातिथि में पूर्णिमा होने और ग्रहण का समय शाम 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होने के कारण 3 मार्च को अधिक उपयुक्त माना गया है।

शुभ मुहूर्त और होली की तारीख

पंडितों के अनुसार 3 मार्च 2026 की शाम 6 बजकर 46 मिनट से रात 8 बजे तक होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस समय ग्रहण समाप्त हो चुका होगा और भद्रा का प्रभाव भी नहीं रहेगा। इसके अगले दिन, यानी 4 मार्च की सुबह रंगों वाली होली धूमधाम से खेली जाएगी। इसलिए इस वर्ष 3 मार्च को होलिका दहन करना अधिक शुभ माना जा रहा है।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।