(Mahashivratri 2026/ Image Credit: instagram)
Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का अत्यंत पवित्र पर्व है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का उत्सव मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और सच्चे मन से की गई पूजा जीवन के कष्टों को दूर करती है। कई भक्त व्रत रखते हैं और रातभर जागकर शिव भक्ति में लीन रहते हैं। कुंवारी कन्याएं भी मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं। चार प्रहर की पूजा और शिवलिंग का जलाभिषेक विशेष फलदायी माना जाता है।
महाशिवरात्रि के दिन शिव मंदिर जरूर जाना चाहिए। विधि-विधान से पूजा करने और शिवलिंग पर जल अर्पित करने के बाद मंदिर के शिखर को देखना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि शिवालय का शिखर देखने से मन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और यह विश्वास मजबूत होता है कि भगवान शिव की कृपा से कोई भी नकारात्मक शक्ति पास नहीं आ सकती।
मंदिर में नंदी जी की दिशा में खड़े होकर कुछ समय शिवलिंग के दर्शन करना भी बहुत शुभ माना गया है। भीड़ होने पर भी कुछ क्षण एकाग्र होकर शिवलिंग को देखने की कोशिश करनी चाहिए। ऐसा करने से मन में भक्ति भाव बढ़ता है और आत्मविश्वास मजबूत होता है। कहा जाता है कि सच्ची श्रद्धा से किए गए दर्शन जीवन में स्थिरता और शांति लाते हैं।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार डमरू से ही सृष्टि में ध्वनि की उत्पत्ति हुई थी। इसलिए महाशिवरात्रि के दिन डमरू देखना भी शुभ संकेत माना जाता है। मंदिरों में डमरू आसानी से दिखाई देता है। आप चाहें तो घर के मंदिर में छोटा डमरू रख सकते हैं। इसे रोज देखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और माहौल शांत रहता है।
महाशिवरात्रि के दिन इन तीन चीजों शिवालय का शिखर, शिवलिंग और डमरू के दर्शन शुभ माने जाते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। इसलिए इस पावन दिन श्रद्धा, नियम और सच्चे मन से पूजा करना ही सबसे महत्वपूर्ण माना गया है।