(Sawan 2026 Date/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: Sawan 2026 Date: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान भक्त व्रत रखते हैं, शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं और पूरी श्रद्धा से पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में शिव पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। वर्ष 2026 में सावन की शुरुआत इस बार 30 जुलाई से होगी और यह 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा के साथ समाप्त होगा।
मान्यता है कि सावन शुरू होने से पहले घर की साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष महत्व होता है। इस समय लोग घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए कुछ शुभ वस्तुएं भी लाते हैं। ऐसा माना जाता है कि इन वस्तुओं से भगवान शिव के साथ-साथ मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है। इससे घर में सुख, शांति और समृद्धि का माहौल बनता है।
धार्मिक मान्यताओं में चांदी के नंदी को बेहद शुभ माना गया है। इसे सावन से पहले घर लाकर शिवलिंग के पास स्थापित करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है। वहीं पारद शिवलिंग को भी बहुत पवित्र माना जाता है। सावन से पहले इसकी स्थापना और नियमित पूजा करने से मानसिक शांति और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
रुद्राक्ष को भगवान शिव का प्रिय आभूषण माना जाता है। सावन से पहले इसे घर लाकर धारण करने या पूजा में रखने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जीवन की बाधाएं कम होती हैं। वहीं तांबे का कलश भी पूजा में महत्वपूर्ण होता है। शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए तांबे के पात्र का उपयोग शुभ माना जाता है। इसलिए सावन से पहले इसे घर लाना लाभकारी होता है।
शंख को पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। पूजा के समय शंख बजाने से वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मकता दूर होती है। इसी तरह बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। सावन से पहले घर में बेलपत्र का पौधा लगाने से वातावरण सकारात्मक बना रहता है और शिव की कृपा प्राप्त होती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन शुरू होने से पहले इन शुभ वस्तुओं को घर में लाने और विधि-विधान से पूजा करने से भगवान शिव और मां लक्ष्मी दोनों की कृपा प्राप्त होती है। इससे घर में सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। सावन का यह पावन समय भक्तों के लिए आध्यात्मिक उन्नति और मनोकामनाओं की पूर्ति का विशेष अवसर माना जाता है।