(PM Kisan 23rd Installment/ Image Credit: digitalindiagov)
नई दिल्ली: PM Kisan 23rd Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) योजना के करोड़ों लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। केंद्र सरकार इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है। यह राशि 2,000 रुपये की तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता है। अब अगली यानी 23वीं किस्त जारी होने से पहले सरकार ने लाभार्थियों के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करना अनिवार्य कर दिया है।
सरकार के नए निर्देशों के मुताबिक, सभी लाभार्थी किसानों को 30 जून 2026 तक e-KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यदि कोई किसान तय समय सीमा तक e-KYC नहीं कराता है तो उसकी अगली 2,000 रुपये की किस्त रोकी जा सकती है। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कर लें। ताकि भुगतान में किसी तरह की परेशानी न हो।
सरकार का कहना है कि e-KYC का मकसद योजना में पारदर्शिता बनाए रखना और केवल वास्तविक व पात्र किसानों तक लाभ पहुंचाना है। इससे फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें योजना से बाहर किया जा सकता है। भले ही किसी किसान को पहले की किस्तें मिल चुकी हों लेकिन अगली किस्त प्राप्त करने के लिए e-KYC अपडेट होना जरूरी है।
किसान अपने मोबाइल या कम्प्यूटर की मदद से घर बैठे कुछ मिनटों में e-KYC पूरी कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां Farmers Corner में दिए गए e-KYC विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद आधार नंबर दर्ज करके सर्च करें। फिर आधार से लिंक मोबाइल नंबर डालकर OTP प्राप्त करें। OTP दर्ज कर सबमिट करने के बाद स्क्रीन पर सफलता का मैसेज दिखाई देगा और आपकी e-KYC प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
अगर आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक नहीं है या OTP प्राप्त करने में समस्या आ रही है तो किसान नजदीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) या जन सेवा केंद्र की मदद ले सकते हैं। वहां बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए e-KYC की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इसके लिए मामूली शुल्क किया जा सकता है।
केवल e-KYC पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है। किसानों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके भूमि दस्तावेजों का भू-सत्यापन पूरा हो चुका हो। इसके अलावा बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए और उसमें DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) सेवा सक्रिय होनी चाहिए। सरकार अब आधार संबंधित भुगतान प्रणाली का उपयोग कर रही है। इसलिए इन प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने से ही अगली किस्त बिना किसी रुकावट के खाते में पहुंच सकेगी।