(Solar Panel Cost/ Image Credit: Pexels)
नई दिल्ली: Solar Panel Cost: सोलर ऊर्जा को ज्यादा किफायती बनाने की दिशा में वैज्ञानिकों को बड़ी सफलता मिली है। शोधकर्ताओं ने एक नई हाई-एफिशिएंसी सोलर सेल तैयार की है, जिससे महंगे और दुर्लभ मेटल इंडियम की जगह सस्ते टिन (Tin) का इस्तेमाल किया गया है। इस तकनीक से भविष्य में सोलर पैनल की निर्माण लागत (Solar Panel Cost) कम हो सकती है और ज्यादा लोग सौर ऊर्जा का फायदा उठा सकेंगे। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह दुनिया की पहली कमर्शियल साइज टेंडेम सोलर सेल है जो बिना इंडियम के भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।
नई तकनीक में वैज्ञानिकों ने टिन ऑक्साइड का उपयोग किया है। इंडियम की तुलना में टिन आसानी से उपलब्ध और काफी सस्ता है। इससे सोलर पैनल बनाने की लागत घटाने (Solar Panel Cost) में मदद मिल सकती है। साथ ही यह तकनीक सोलर सेल की क्षमता को भी बेहतर बनाती है। टेंडेम सोलर सेल में दो अलग-अलग लाइट अब्जॉर्बिंग लेयर होती हैं जो सूरज की रोशनी के अलग-अलग हिस्सों को पकड़कर ज्यादा बिजली बनाने में मदद करती हैं।
वैज्ञानिकों ने इस सोलर सेल को तैयार करने के लिए रिएक्टिव प्लाज्मा डिपॉजिशन तकनीक का इस्तेमाल किया है। इस प्रक्रिया में सोलर सेल के अंदर टिन ऑक्साइड की बेहद पतली परत लगाई जाती है। टेस्टिंग के दौरान कमर्शियल साइज के मिनी-मॉड्यूल ने करीब 31 प्रतिशत एफिशिएंसी दिखाई है। इसके अलावा गर्मी, नमी और लंबे समय तक बाहरी वातावरण में रखने के बाद भी इसकी परफॉर्मेंस में ज्यादा गिरावट नहीं देखी गई।
फिलहाल कई टेंडेम सोलर सेल्स में इंडियम आधारित सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। इंडियम का उपयोग टचस्क्रीन, डिस्प्ले और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में भी होता है। इसकी उपलब्धता सीमित होने और मांग बढ़ने के कारण भविष्य में इसकी कमी की चिंता जताई जा रही थी। नई टिन आधारित सोलर तकनीक इस समस्या को कम करने में मदद कर सकती है। इससे सोलर पैनल सस्ते (Solar Panel Cost) होने के साथ-साथ बड़े स्तर पर इनका उत्पादन भी आसान हो सकता है।