UP Kanya Sumangala Yojana : बेटियों के लिए खुशखबरी! इस सरकारी योजना में मिल रहे 25,000, लाखों परिवारों को मिल चुका फायदा, क्या आपने कराया रजिस्ट्रेशन ?

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उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत अब तक 27 लाख से अधिक बेटियों को लाभ मिल चुका है। इस योजना में जन्म से लेकर पढ़ाई तक कुल ₹25,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।

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  • Publish Date - April 19, 2026 / 09:23 PM IST,
    Updated On - April 19, 2026 / 09:23 PM IST

UP Kanya Sumangala Yojana / Image Source : AI GENERATED

HIGHLIGHTS
  • 27 लाख से ज्यादा बेटियों को मिला योजना का लाभ
  • जन्म से ग्रेजुएशन तक 25,000 की आर्थिक मदद
  • 674 करोड़ रुपये से अधिक राशि सीधे खातों में ट्रांसफर

लखनऊ : UP Kanya Sumangala Yojana योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना प्रदेश की बेटियों के लिए वरदान साबित हो रही है। साल 2019 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना के जरिए अब तक 27 लाख से अधिक बालिकाओं को लाभान्वित किया जा चुका है, जिसके तहत शासन ने 674.13 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की है। यह योजना पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित है और इसका मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, लिंगानुपात में सुधार करना और बालिकाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा को बेहतर बनाना है।

योजना की मुख्य बातें

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें आर्थिक सहायता छह चरणों में दी जाती है, जो बेटी के जन्म से लेकर उसके स्नातक (ग्रेजुएशन) या डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेने तक जारी रहती है। कुल 25,000 रुपये की यह राशि अलग-अलग स्तरों पर मिलती है:

  • जन्म पर: 5,000 रुपये
  • टीकाकरण (1 वर्ष) पूरा होने पर: 2,000 रुपये
  • कक्षा 1 में प्रवेश पर: 3,000 रुपये
  • कक्षा 6 में प्रवेश पर: 3,000 रुपये
  • कक्षा 9 में प्रवेश पर: 5,000 रुपये
  • 10वीं/12वीं के बाद स्नातक या डिप्लोमा में प्रवेश पर: 7,000 रुपये

 

कौन कर सकता है आवेदन?

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ अनिवार्य शर्तें तय की गई हैं, जिसमें परिवार का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना और वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम होना आवश्यक है। CM Kanya Sumangala Scheme Benefits आवेदक परिवार उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।

  • आवेदक परिवार उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।

  • परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

  • एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही लाभ मिलेगा (जुड़वा होने की स्थिति में तीसरी बेटी को भी लाभ मिल सकता है)।

महिला कल्याण विभाग की डायरेक्टर डॉ. वंदना वर्मा के अनुसार, सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की कोई भी पात्र बेटी इस लाभ से वंचित न रहे। यह योजना न केवल आर्थिक मदद दे रही है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति नजरिया भी बदल रही है। अगर आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो आधिकारिक पोर्टल (mksy.up.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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