एएफआई ने एशियाई खेलों के क्वालिफिकेशन मानक जारी किए, सरकार के मानदंडों से ज्यादा सख्त

एएफआई ने एशियाई खेलों के क्वालिफिकेशन मानक जारी किए, सरकार के मानदंडों से ज्यादा सख्त

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  • Publish Date - January 3, 2026 / 10:18 PM IST,
    Updated On - January 3, 2026 / 10:18 PM IST

नयी दिल्ली, तीन जनवरी (भाषा) भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने जापान में सितंबर में होने वाले 2026 एशियाई खेलों की ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं के लिए शनिवार को क्वालिफिकेशन मानक की घोषणा की जिनमें से ज्यादातर में खेल मंत्रालय के मानदंडों से अधिक सख्त मानक रखे गए हैं।

एएफआई के प्रवक्ता और पूर्व अध्यक्ष आदिल सुमरिवाला ने कहा कि महासंघ ने चयन के लिए चीन में पिछले एशियाई खेलों में खेल मंत्रालय के छठे स्थान के ‘फिनिशिंग मार्क’ से ऊंचा मानक लागू किया है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य 2023 में हांग्झोउ में हुए एशियाई खेलों से ज्यादा पदक जीतना है।

उन्होंने यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘हमने पिछले चरण में 29 पदक जीते थे जिनमें से छह स्वर्ण पदक थे। हमारा लक्ष्य अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाना है। सरकार ने क्वालिफिकेशन के लिए छठा स्थान तय किया है। हमने कुछ स्पर्धाओं में चीजों को थोड़ा और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए ऐसा किया है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘पुरुषों की 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, 110 मीटर बाधा दौड़, गोला फेंक, चक्का फेंक, तार गोला फेंक, भाला फेंक और डेकाथलॉन में हमने पांचवां स्थान तय किया है जबकि पुरुषों की चार गुणा100 मीटर रिले और चार गुणा 400 मीटर रिले में हमने चौथे स्थान का मानक तय किया है। मैराथन में छठा स्थान तय हुआ। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं की स्पर्धाओं में हमने 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, 1500 मीटर, 110 मीटर बाधा दौड़, 400 मीटर बाधा दौड़, 3000 मीटर स्टीपलचेज, ऊंची कूद, लंबी कूद, त्रिकूद, पोल वॉल्ट, गोला फेंक, चक्का फेंक और भाला फेंक में पांचवां स्थान जबकि चार गुणा 100 मीटर रिले और चार गुणा 400 मीटर रिले में चौथे स्थान का मानक है। चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले में हम चौथे स्थान का लक्ष्य रख रहे हैं, जबकि मैराथन में छठा स्थान का मार्क है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘इन कुछ स्पर्धाओं में कम रैंकिंग वाले खिलाड़ियों को लेने में कोई फायदा नहीं है। ’’

उन्होंने कहा कि क्वालिफिकेशन मानक कोच, खिलाड़ियों और शोध टीम के साथ तीन महीने की चर्चा के बाद दो बातों को ध्यान में रखते हुए प्रकाशित किए गए।

सुमरिवाला ने कहा, ‘‘पहली बात तो यह है कि हमें कोई पदक चूकना नहीं चाहिए। दूसरी बात हम यात्री नहीं ले जाने हैं। लोग छठे स्थान पर क्वालिफाई करेंगे, लेकिन अगर पदक ब्रैकेट में आने का कोई मौका नहीं है तो कोई फायदा नहीं है। वे क्वालिफाई तो कर लेंगे, लेकिन वे कहीं नहीं होंगे। वे बाकी टीम के लिए बोझ बन जाएंगे। ’’

भाषा नमिता आनन्द

आनन्द