जयपुर, पांच जनवरी (भाषा) भारत के पूर्व आक्रामक सलामी बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग ने सोमवार को आईपीएल के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बाद विदेशी खिलाड़ियों के नजरिये में बदलाव आया है और छींटाकशी जैसी प्रवृत्तियां कम हुई हैं।
सहवाग ने कहा कि टेस्ट और एकदिवसीय क्रिकेट हमेशा प्रदर्शन का मजबूत आधार बने रहेंगे लेकिन टी20 के बाद टी10 क्रिकेट का दौर भी देखने को मिल सकता है।
सहवाग ने यहां ‘राजस्थान डिजिफेस्ट–टाई ग्लोबल समिट 2026’ के दूसरे दिन दर्शकों के साथ अपने अनुभव साझा किए।
‘नो फियर, नो लिमिट्स: लेसन्स फ्रॉम द वर्ल्ड्स मोस्ट एग्रेसिव ओपनर’ विषय पर आयोजित इस संवाद सत्र में सहवाग ने कहा, ‘‘साहस और आक्रामक सोच के बिना ना तो खेल में और ना ही जीवन में बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। भारत में खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाएं हैं, आवश्यकता केवल प्रतिभाओं की पहचान करने, उन्हें तराशने और सही मार्गदर्शन देने की है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी टीम या संगठन की सफलता का आधार टीम में विश्वास, पारस्परिक सहयोग और सकारात्मक नेतृत्व होता है। आलोचना से घबराने के बजाय अपने प्रदर्शन से उसका जवाब देना चाहिए।’’
सहवाग ने हालांकि कहा कि क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों में भी निवेशकों का आना जरूरी है।
उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट के अलावा हॉकी सहित अन्य खेलों में खिलाड़ियों को पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल पाती। हर खेल में निवेशकों का आना जरूरी है, ताकि खिलाड़ियों को वित्तीय स्थिरता और सुरक्षा मिल सके।’’
भाषा बाकोलिया राजकुमार सुधीर
सुधीर