नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) अगले महीने रांची में होने वाले फेडरेशन कप में एसआरवाई जीन परीक्षण करेगा जिसका मकसद यह पक्का करना है कि महिलाओं के वजन वर्ग में सिर्फ ‘बायोलॉजिकल’ महिलाएं ही शिरकत करें।
साथ ही एएफआई भारतीय खिलाड़ियों का डीएनए परीक्षण भी शुरू करेगा ताकि पहली बार उनका डेटा इकट्ठा करके सुरक्षित रखा जा सके। इस डेटा का इस्तेमाल शोध, चोटों से बचाव, किसी खास एथलीट के लिए ट्रेनिंग के तरीके तय करने और दूसरी चीजों के लिए किया जाएगा।
एसआरवाई (लिंग निर्धारण जांच) और डीएनए परीक्षण दोनों के नतीजे और रिकॉर्ड पूरी तरह से गोपनीय रखे जाएंगे।
एएफआई के प्रवक्ता आदिल सुमारिवाला ने शनिवार को एक वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘यह (एसआरवाई जांच) लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। यह पिछले साल ही उन एथलीटों के लिए शुरू हो गया था जिनके बारे में हमें लगता है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिस्सा लेंगे। यह जिंदगी में सिर्फ एक बार होगा। एक बार जब ये नतीजे विश्व एथलेटिक्स की वेबसाइट पर अपलोड हो जाएंगे तो उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा। इसलिए इसमें पूरी तरह से गोपनीयता बरती जाएगी। ’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘रांची में होने वाले फेडरेशन कप में सभी एथलीट एक ही जगह इकट्ठा होंगे इसलिए उनमें से बहुत से खिलाड़ियों का एसआरवाई परीक्षण किया जाएगा। एक जगह नमूने लेना बहुत आसान होगा। ’’
विश्व एथलेटिक्स के निर्देश के बाद पिछले साल भारत में उन सभी महिला खिलाड़ियों के लिए एसआरवाई जीन जांच शुरू की गई जिन्होंने सितंबर में तोक्यो में हुई विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था।
एएफआई ने पिछले साल 13 अगस्त को अपने सभी संबद्ध इकाईयों को इस संबंध में एक नोटिस भेजा था ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
भाषा
नमिता मोना
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