एशियाई खेलों से पहले साइ बेंगलुरू में खिलाड़ियों को परोसे जा रहे है जापानी व्यंजन
एशियाई खेलों से पहले साइ बेंगलुरू में खिलाड़ियों को परोसे जा रहे है जापानी व्यंजन
(जी उन्नीकृष्णन)
बेंगलुरू, 24 जुलाई (भाषा) ‘एवाकाडो और खीरे की सुशी’ , ‘जापानी मछली हामाची’ , ‘नूडल्स या जापानी रोल’ । जापान के ये पारंपरिक व्यंजन इन दिनों भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के बेंगलुरू केंद्र में खिलाड़ियों को परोसे जा रहे हैं ताकि जापान में होने वाले एशियाई खेलों से पहले वहां के खान पान से वे वाकिफ हो सकें ।
साइ के नेताजी सुभाष दक्षिण केंद्र के कार्यकारी शेफ जयराज ने पीटीआई को बताया ,‘‘ एशियाई खेल जापान में होने हैं और हमारे खिलाड़ियों को वहां खाने में तकलीफ नहीं होनी चाहिये । इसी वजह से हमने अपने मेनू में जापानी व्यंजन शामिल किये हैं ।’’
सेना में शेफ रह चुके जयराज को अबु धाबी में भी काम करने का अनुभव है । उन्होंने कहा कि तोक्यो और पेरिस ओलंपिक में कुछ खिलाड़ियों को खाने की दिक्कतों का सामना करते देखकर जापानी खाने को मेनू में शामिल करने का विचार आया ।
उन्होंने कहा ,‘‘ कुछ खिलाड़ियों को तोक्यो और पेरिस में खाना पसंद नहीं आया । हमें फ्रांस में पैरालम्पिक में 1800 एनर्जी बार भेजने पड़े । अब वे जापान जा रहे हैं तो हमें लगा कि जापानी व्यंजनों की उन्हें आदत हो जाये ताकि वहां कोई दिक्कत नहीं हो । खेलगांव में मिलने वाले खाने जैसा तो नहीं है लेकिन हमने 90 प्रतिशत वैसा ही रखने की कोशिश की है ।’’
जयराज ने कहा ,‘‘ पिछले डेढ साल से हम हफ्ते में दो बार कांटिनेंटल खाना दे रहे हैं । इससे खिलाड़ी अलग अलग खान खान के अनुरूप आसानी से ढल सकते हैं । पिछले साल हॉकी टीम चिली दौरे पर गई थी, तब भी हमने यही किया था ।’’
खिलाड़ियों को दाल चावल, सब्जी रोटी से अलग खाने के लिये मनाना कितना कठिन था, यह पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘शुरूआत में यह मुश्किल था लेकिन हमें लगा कि सीधे बदलाव मुश्किल है । इसलिये हमने जापानी हाई टी के साथ शुरूआत की और फिर मीठा देना शुरू किया । इसके बाद लंच और डिनर से पहले स्नैक्स दिये । इसके बाद सुशी या साशिमी जैसा मुख्य खाना देना शुरू किया ।’’
भाषा
मोना पंत
पंत

Facebook


