यह दमन की भावना के खिलाफ विद्रोह है: मांजरेकर
यह दमन की भावना के खिलाफ विद्रोह है: मांजरेकर
नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के खिलाफ चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए इसे ‘लोकतंत्र में दमन की भावना के खिलाफ विद्रोह’ करार दिया है।
उन्होंने कड़े शब्दों का उपयोग करते हुए एक्स पर लिखा कि आंदोलन को रोकने के लिए बल प्रयोग करने से किसी तरह का हल नहीं निकलेगा।
मांजरेकर ने कहा, ‘‘यह केवल नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने का मामला नहीं है। यह लोकतंत्र में दमन की भावना और मुख्यधारा के मीडिया के दुष्प्रचार के खिलाफ विद्रोह है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं दो बच्चों का पिता हूं और यह अच्छी तरह से जानता हूं कि आज के युवाओं को दबाना और उनका ‘ब्रेनवॉश’ करना कभी कारगर साबित नहीं होगा।’’
इससे पहले दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, भारत के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता पूर्व निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं के समाधान की मांग की थी।
प्रदर्शनकारी छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को छात्रों को संबोधित करते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि सरकार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए कई कदम उठा रही है।
भाषा
पंत मोना
मोना

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