खेल मंत्रालय ने मोटरस्पोर्ट संस्था एफएमएससीआई को राष्ट्रीय खेल महासंघ का दर्जा दिया
खेल मंत्रालय ने मोटरस्पोर्ट संस्था एफएमएससीआई को राष्ट्रीय खेल महासंघ का दर्जा दिया
नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) खेल मंत्रालय ने फेडरेशन ऑफ मोटर स्पोर्ट्स क्लब्स ऑफ इंडिया (एफएमएससीआई) को राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ) के रूप में अस्थायी रूप से मान्यता दे दी है और भारत में फॉर्मूला वन रेस वापिस लाने के लिये सरकार के साथ काम कर रही संस्था के लिये यह बड़ा कदम है ।
सरकार भारत में फॉर्मूला वन की वापसी के लिए प्रयासरत है और इसे देखते हुए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे दोनों निकायों के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ावा मिलेगा।
एफएमएससीआई ने इस साल 11 जून को मान्यता के लिए आवेदन किया था।
खेल मंत्रालय ने 23 जुलाई को जारी किए गए निर्देश ने कहा, ‘‘एफएमएससीआई के राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ) के रूप में अस्थायी मान्यता के लिए किए गए अनुरोध पर विचार करने के बाद यहां फैसला लिया कि एफएमएससीआई को इस पत्र के जारी होने की तारीख से एनएसएफ के रूप में अस्थायी मान्यता प्रदान की जाए।’’
मंत्रालय ने चेन्नई स्थित और अरिंदम घोष की अध्यक्षता वाली एफएमएससीआई को राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 और उसके प्रावधानों के अनुरूप अपने संविधान में निर्धारित समय सीमा के भीतर संशोधन करने को कहा है।
एफएमएससीआई न केवल मान्यता के मुद्दे पर बल्कि एफवन की भारत में वापसी के लिए आगे की रणनीति तय करने के लिए भी मंत्रालय के साथ नियमित रूप से बातचीत कर रहा है। सरकार ने राज्य इकाइयों के लिए आवश्यक न्यूनतम संबद्धता से संबंधित कुछ मानदंडों में ढील दी है।
1971 में बनी इस संस्था को मान्यता देने के लिये सरकार ने राष्ट्रीय खेल महासंघ का दर्जा पाने के लिए जरूरी कम से कम राज्य इकाइयों की संबद्धता से जुड़े कुछ नियमों में ढील दी है।
इसके साथ ही मंत्रालय ने यह भी कहा है कि यदि संस्था वित्तीय ईमानदारी, डोपिंग विरोधी उपायों, शासन संरचना या अन्य तथ्यों को लेकर मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन करने में विफल रहती है तो वह उसकी मान्यता रद्द कर देगा।
पिछले महीने खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने घोषणा की थी कि भारत में प्रमुख मोटरस्पोर्ट प्रतियोगिताओं की मेजबानी से जुड़ी चुनौतियों और लाभ का आकलन करने के लिए ‘‘जितनी जल्दी हो सके’’ एक कार्य बल का गठन किया जाएगा।
कार्यबल भारत में बड़े मोटरस्पोर्ट आयोजित करने से मिलने वाले आर्थिक, पर्यटन और निवेश से जुड़े फायदों का मूल्यांकन करेगी। साथ ही यह इस सेक्टर के स्थायी विकास के लिए मुख्य प्राथमिकताओं, बुनियादी ढांचे की जरूरतों और संचालनात्मक जरूरतों की भी पहचान करेगी।
मंत्रालय 2028 तक भारत में फॉर्मूला वन रेस की वापसी के लिये प्रयासरत है ।
भारत ने 2011 से 2013 तक फॉर्मूला वन की मेजबानी की थी, लेकिन कर से जुड़े मामलों और वित्तीय कारणों से इस रेस को कैलेंडर से हटा दिया गया।
भाषा पंत मोना
मोना पंत
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