अनाहत, अभय को मजबूत मलेशियाई प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ हार के बाद रजत पदक

अनाहत, अभय को मजबूत मलेशियाई प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ हार के बाद रजत पदक

अनाहत, अभय को मजबूत मलेशियाई प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ हार के बाद रजत पदक
Modified Date: September 27, 2026 / 02:59 pm IST
Published Date: September 27, 2026 2:59 pm IST

नागोया, 27 सितंबर (भाषा) भारतीय स्क्वाश खिलाड़ियों अनाहत सिंह और अभय सिंह को यहां रविवार को एशियाई खेलों के फाइनल में अपने-अपने मलेशियाई प्रतिद्वंद्वियों से हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

अभय पुरुष एकल फाइनल में ईन यो एनजी के खिलाफ कड़ी चुनौती पेश करने में नाकाम रहे और सीधे गेम में 9-11, 5-11, 5-11 से हार गए।

अट्ठारह वर्षीय अनाहत को भी महिला एकल फाइनल में मलेशिया की शिवासांगरी सुब्रमण्यम ने आसानी से हराया। दुनिया की 17वें नंबर की भारतीय खिलाड़ी को पांचवीं रैंकिंग वाली शिवासांगरी के खिलाफ 4-11, 4-11, 7-11 से शिकस्त मिली।

यो और शिवासांगरी दोनों ने 2028 में लॉस एंजिलिस ओलंपिक में पदार्पण कर रही स्क्वाश प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई करने वाले शुरुआती दो खिलाड़ी बनकर इतिहास रचा। दोनों ने अपने एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक का भी सफलतापूर्वक बचाव किया।

विश्व जूनियर खिताब जीतने वाली पहली भारतीय अनाहत शनिवार को जापान की दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी सातोमी वातानाबे के खिलाफ सेमीफाइनल में की गई वापसी को दोहरा नहीं सकीं।

अनाहत-सातोमी सेमीफाइनल को करीब से देखने वाली शिवासांगरी स्पष्ट रणनीति के साथ उतरीं और उसे पूरी तरह से अमल में भी लाईं। मलेशियाई खिलाड़ी ने अनाहत को लगातार विनर्स लगाने का मौका नहीं दिया और लगातार आक्रमण के जरिए उन पर दबाव बनाए रखा।

हालांकि अनाहत के लिए यह अभियान यादगार रहा। उन्होंने एशियाई खेलों के इतिहास में महिला एकल फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनने का गौरव हासिल किया।

इससे पहले 26वीं रैंकिंग वाले अभय भी दुनिया के 18वें नंबर के यो को कड़ी चुनौती नहीं दे सके। यो ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। यह अभय की मलेशियाई खिलाड़ी के खिलाफ आठवीं हार है।

भारत को टीम स्पर्धाओं में भी पदक जीतने की उम्मीद है। पुरुष टीम मौजूदा चैंपियन के रूप में प्रतियोगिता में उतरेगी।

भाषा सुधीर नमिता

नमिता


लेखक के बारे में