टी20 विश्व कप में दमदार प्रदर्शन के लिए चोटों से जुड़ी चिंताओं को दूर करना होगा ऑस्ट्रेलिया को

टी20 विश्व कप में दमदार प्रदर्शन के लिए चोटों से जुड़ी चिंताओं को दूर करना होगा ऑस्ट्रेलिया को

टी20 विश्व कप में दमदार प्रदर्शन के लिए चोटों से जुड़ी चिंताओं को दूर करना होगा ऑस्ट्रेलिया को
Modified Date: February 4, 2026 / 02:23 pm IST
Published Date: February 4, 2026 2:23 pm IST

(जी उन्नीकृष्णन)

बेंगलुरु, चार फरवरी (भाषा) खिताब के प्रबल दावेदारों में से एक ऑस्ट्रेलिया को अगर टी20 विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन करना है तो उसको अपने कुछ प्रमुख खिलाड़ियों की अनुपस्थिति की अच्छी तरह से भरपाई करनी होगी जो चोटिल होने के कारण इस टूर्नामेंट में भाग नहीं ले रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया ने 2024 के विश्व कप के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में शानदार प्रदर्शन किया है, जिसमें उसने पहले 21 में से 17 मैच जीते। पाकिस्तान के हाल के दौरे में हालांकि उसका वास्तविकता से सामना हुआ।

पाकिस्तान ने अपने घरेलू मैदान पर 2021 के चैंपियन को 3-0 से करारी शिकस्त दी, जिससे दुनिया के इस हिस्से में खेलने की चुनौतियों का स्पष्ट पता चलता है। अब 24 मैचों में उसका रिकॉर्ड 17-7 है।

मिचेल स्टार्क के टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने से टीम को एक ऐसे गेंदबाज की सेवाएं नहीं मिल पाएंगी जो हर तरह की परिस्थितियों में खेलने में माहिर है। एक अन्य प्रमुख तेज गेंदबाज पैट कमिंस भी पीठ की चोट से उबरने में विफल रहने के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं।

टीम के दूसरे प्रमुख तेज गेंदबाज जोश हेज़लवुड भी एड़ी की चोट के कारण इस आईसीसी टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में नहीं खेल पाएंगे।

इसका मतलब यह नहीं है कि नाथन एलिस, बेन ड्वार्शियस या जेवियर बार्टलेट जैसे खिलाड़ी औसत से कमतर हैं, लेकिन उनमें इन तीन तेज गेंदबाजों के समान कौशल और अनुभव नहीं है।

लेग स्पिनर एडम जम्पा के साथ ग्लेन मैक्सवेल, मैट कुहनेमैन और कूपर कॉनोली की मौजूदगी में ऑस्ट्रेलिया का स्पिन विभाग मजबूत नजर आता है लेकिन क्या वे आक्रमण का पूरा भार उठाने में सफल रहेंगे, इस सवाल का फिलहाल कोई जवाब नहीं है।

इसके विपरीत ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी कहीं अधिक व्यवस्थित दिखती है, जिसकी अगुवाई ट्रैविस हेड कर रहे हैं।

हेड को कप्तान मिचेल मार्श, मैक्सवेल, टिम डेविड, कैमरन ग्रीन, जोश इंग्लिस और मार्कस स्टोइनिस का सहयोग भी मिलेगा जो सभी आईपीएल में अपने अनुभव के कारण उपमहाद्वीप की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं।

इस मजबूत बल्लेबाजी समूह को हालांकि स्पिनरों का प्रभावी ढंग से सामना करना होगा, खासकर पल्लीकल में। इससे टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया के प्रदर्शन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।

ऑस्ट्रेलिया को ग्रुप बी में रखा गया है जिसमें श्रीलंका, आयरलैंड, जिम्बाब्वे और ओमान भी शामिल हैं। इस ग्रुप के लीग के सभी मैच कोलंबो और पल्लीकल में खेले जाएंगे।

अगर हाल ही में पल्लीकल में श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की टी20 श्रृंखला पर गौर किया जाए तो इसमें स्पिनरों और मध्यम गति के गेंदबाजों का दबदबा रहा।

अगर ऐसा होता रहा तो श्रीलंका के खिलाफ मैच में ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता, क्योंकि श्रीलंका के पास अच्छे स्पिनर हैं। इसलिए ऑस्ट्रेलिया को सुपर आठ में जगह बनाने के लिए काफी मेहनत करनी होगी।

ऑस्ट्रेलिया की टीम: मिचेल मार्श (कप्तान), जेवियर बार्टलेट, कूपर कॉनॉली, टिम डेविड, बेन ड्वार्शियस, कैमरन ग्रीन, नाथन एलिस, जोश हेज़लवुड, ट्रैविस हेड, जोश इंग्लिस, मैथ्यू कुहनेमैन, ग्लेन मैक्सवेल, मैथ्यू रेनशॉ, मार्कस स्टोइनिस, एडम ज़म्पा।

ऑस्ट्रेलिया का टी20 विश्व कप का कार्यक्रम:

11 फरवरी: आयरलैंड के खिलाफ कोलंबो में

13 फरवरी: जिम्बाब्वे के खिलाफ कोलंबो में

16 फरवरी: श्रीलंका के खिलाफ पल्लीकल में

20 फरवरी: ओमान के खिलाफ पल्लीकल में

भाषा

पंत

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