आयुष का रजत पदक उनकी काबीलियत को दर्शाता है, यह थॉमस कप के लिए अच्छा संकेत है: विमल

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आयुष का रजत पदक उनकी काबीलियत को दर्शाता है, यह थॉमस कप के लिए अच्छा संकेत है: विमल

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  • Publish Date - April 12, 2026 / 09:28 PM IST,
    Updated On - April 12, 2026 / 09:28 PM IST

… अमित कुमार दास …

नयी दिल्ली, 12 अप्रैल (भाषा) भारत के पूर्व कोच विमल कुमार ने कहा कि आयुष शेट्टी ने साबित कर दिया है कि वह शीर्ष स्तर पर खेलने के योग्य हैं और एशिया चैंपियनशिप में उनका रजत पदक जीतना भारत के आगामी थॉमस कप अभियान के लिए शुभ संकेत है। इस 20 वर्षीय खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशिया चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। उनका सफर फाइनल में दुनिया के नंबर दो खिलाड़ी शी युकी से 8-21, 10-21 की हार के साथ समाप्त हुआ। विमल ने कहा, “ऐसे मैच बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ये बताते हैं कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ लगातार प्रतिस्पर्धा करने के लिए क्या जरूरत है। उन्हें शॉट में विविधता, रैली बनाने की क्षमता, दबाव में नियंत्रण और बेहतर रणनीति जैसी चीजों में सुधार की गुंजाइश है।” उन्होंने कहा, “सकारात्मक बात यह है कि आयुष ने दिखाया है कि वह इस स्तर के खिलाड़ी हैं। सही सुधार और ऐसे मैचों का अनुभव उन्हें और मजबूत बनाएगा।” विमल ने विश्वास जताया कि आयुष का यह प्रदर्शन 24 अप्रैल से डेनमार्क में शुरू होने वाले थॉमस कप में भारत के लिए फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने कहा, “आयुष अगर इसी तरह खेलते रहे तो भारत के पास थॉमस कप फिर जीतने का अच्छा मौका होगा। एकल में आयुष और लक्ष्य सेन, जबकि युगल में सात्विक और चिराग की जोड़ी मजबूत है, हालांकि सबको एक साथ अच्छा प्रदर्शन करना होगा।” उन्होंने कहा, “भारत और चीन अपने-अपने ग्रुप से आगे बढ़ने के प्रबल दावेदार हैं।” विमल ने फाइनल मुकाबले का विश्लेषण करते हुए कहा कि शीर्ष स्तर पर अनुभव, नियंत्रण और रणनीति का अंतर साफ दिखा। इस पूर्व दिग्गज ने कहा, “शी युकी ने मैच की शुरुआत से ही बेहतरीन नियंत्रण रखा और आयुष को लय हासिल करने का मौका नहीं दिया। उन्होंने शटल को आयुष के हिटिंग जोन से थोड़ा दूर रखा, जिससे आयुष अपने आक्रामक स्मैश और नेट शॉट्स नहीं खेल सके। यह उनकी रणनीति का अहम हिस्सा था।” उन्होंने आयुष के खेल में विविधता की कमी का जिक्र करते हुए कहा, “आयुष का आक्रमण करने का इरादा साफ था, लेकिन इस स्तर पर आक्रमण को बनाना पड़ता है, जबरदस्ती नहीं करना चाहिए। खेल में कोण, ऊंचाई और रैली पैटर्न में बदलाव की कमी थी।” उन्होंने कहा, “शी जैसे खिलाड़ी के खिलाफ धैर्य के साथ रैली बनानी होती है और मौके मिलने पर अंक खत्म करना होता है। इस स्तर पर मैच का रुख तेजी से बदलता है और शीर्ष खिलाड़ी मौके नहीं छोड़ते।” उन्होंने इस सप्ताह को आयुष के लिए शानदार करार देते हुए कहा कि इससे उन्हें करियर के लिए अहम सीख मिलेगी। भाषा आनन्द नमितानमिता