एशियाड में बैडमिंटन: भारतीय पुरुष टीम ने जापान को हराकर पदक पक्का किया

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एशियाड में बैडमिंटन: भारतीय पुरुष टीम ने जापान को हराकर पदक पक्का किया

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  • Publish Date - September 22, 2026 / 03:22 PM IST,
    Updated On - September 22, 2026 / 03:22 PM IST

नागोया, 22 सितंबर (भाषा) लक्ष्य सेन ने वापसी करते हुए शानदार जीत हासिल की जिसकी मदद से भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने मंगलवार को यहां क्वार्टरफाइनल में मेजबान जापान को 3-0 से हराकर एशियाई खेलों में पदक पक्का कर दिया।

भारतीय पुरुष टीम ने पिछले चरण में रजत पदक जीता था। अब बुधवार को सेमीफाइनल में भारत का सामना मौजूदा चैंपियन चीन और कोरिया के बीच होने वाले दूसरे क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा।

एशियाड से पहले लगातार कुछ टूर्नामेंट में शुरूआती दौर से बाहर होने के कारण सेन का मनोबल थोड़ा गिरा हुआ था, उन्होंने पहला गेम गंवाकर शुरुआत की और निर्णायक गेम में 14-19 से पिछड़ने के बाद हार की कगार पर थे।

लेकिन अल्मोड़ा के 25 वर्षीय खिलाड़ी ने अपनी काबिलियत के बूते लगातार सात अंक हासिल कर दुनिया के सातवें नंबर और दो बार के विश्व चैंपियनशिप रजत पदक विजेता कोडाई नाराओका को 11-21, 21-5, 21-19 से हराकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई।

इस सत्र में दो खिताब जीतने वाली सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने पूर्व विश्व चैंपियन होकी ताकुरो और कोबायाशी युगो की जोड़ी को 21-18, 24-22 से हराकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी।

इसके बाद इस साल बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले आयुष शेट्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनिया के 16वें नंबर के कोकी वातानाबे को 21-10, 21-19 से हराने के साथ मुकाबला और भारत का पदक पक्का कर दिया।

दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी सेन की तैयारी इतनी अच्छी नहीं रही। घरेलू सरजमीं पर हुई विश्व चैंपियनशिप में वह अमेरिका के गैरेट टैन से हारकर शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए थे। बाद में उनके ‘मेंटोर’ विमल कुमार ने बताया था कि लक्ष्य पीठ की चोट से जूझ रहे थे।

ऐसे प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मुकाबला काफी दबाव वाला था जिसने पिछली पांच भिड़ंत में से चार में सेन को हराया था। सेन ने शुरुआत में संघर्ष किया जिससे वह पहला गेम गंवा बैठे।

हालांकि मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद की प्रेरणादायक बातचीत और कोर्ट बदलने के बाद भारतीय खिलाड़ी ने जोरदार वापसी की। उन्होंने दूसरे गेम में प्रतिद्वंद्वी के बैकहैंड को निशाना बनाकर लगातार स्मैश लगाए और 11-2 की बढ़त हासिल कर ली।

फिर उन्होंने लय बरकरार रखते हुए स्कोर 16-3 कर दिया। उन्होंने शॉट्स में अच्छी विविधता दिखाई जबकि नाराओका को शटल को कोर्ट के अंदर रखने में परेशानी हुई। जापानी खिलाड़ी का एक और शॉट बाहर चले जाने के बाद सेन ने गेम अपने नाम कर लिया।

निर्णायक गेम में सेन ने शुरुआत में मुकाबले को करीबी बनाए रखा, लेकिन अंतिम छोर बदलने से पहले ब्रेक तक नाराओका ने 11-6 की बढ़त बना ली।

सेन के लगातार संघर्ष के बाद जापानी खिलाड़ी 16-10 तक पहुंच गया। भारतीय खिलाड़ी रैलियों में अपने प्रतिद्वंद्वी को उलझाए रखते हुए सही मौके का इंतजार कर रहे थे।

हालांकि सेन की दो ‘अनफोर्स्ड’ गलतियों का फायदा उठाकर नाराओका ने 19-14 की बढ़त बना ली।

इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने जबरदस्त वापसी करते हुए लगातार चार अंक हासिल किए। नाराओका दबाव में बिखरने लगे और उन्होंने कई गलतियां कीं।

सेन ने फिर बैक लाइन पर दो सटीक रिटर्न लगाकर मैच प्वाइंट हासिल किया और नाराओका के अगला शॉट नेट में मारते ही मुकाबला अपने नाम कर लिया।

भाषा नमिता पंत

पंत