Saina Nehwal announces retirement || Image- IBC24 News File
नई दिल्ली: भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने पेशेवर बैडमिंटन से संन्यास की आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है। (Saina Nehwal announces retirement) उन्होंने बताया कि घुटने की गंभीर चोट के कारण अब उनके लिए शीर्ष स्तर पर खेलना संभव नहीं है। उन्होंने बिना किसी औपचारिक घोषणा के ही खेल छोड़ दिया था।
Saina Nehwal’s confirmation of her retirement has sent the sports world into a frenzy!
In a recent interview with The Bridge, the legendary shuttler opened up about the true reason she had to step away from the game. 👀#exclusive #badminton #SainaNehwal pic.twitter.com/54BU4EFoan
— The Bridge (@the_bridge_in) January 20, 2026
साइना ने आखिरी बार 2023 में सिंगापुर ओपन में खेलते हुए नजर आई थी। हालांकि, उस समय उन्होंने संन्यास की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की थी। एक पॉडकास्ट में साइना ने कहा, “मैंने दो साल पहले खेलना बंद कर दिया था। मैंने अपनी शर्तों पर खेलना शुरू किया और अपनी शर्तों पर ही छोड़ा, इसलिए मुझे लगा कि कोई घोषणा करना जरूरी नहीं है।”
साइना के अनुसार, उनके घुटनों की उपास्थि पूरी तरह से घिस गई है और उन्हें गठिया हो गया है। उन्होंने कहा, “जब आप खेल नहीं सकते, तो आपको वहीं रुक जाना चाहिए। मेरे लिए अब इसे जारी रखना बहुत मुश्किल हो गया था।” पहले, जब वह सप्ताह में 89 घंटे तक अभ्यास कर सकती थीं, तो 12 घंटे के भीतर उनके घुटने में सूजन आ जाती थी, जिससे आगे अभ्यास करना असंभव हो जाता था।
रियो ओलंपिक 2016 के दौरान लगी घुटने की गंभीर चोट से साइना के करियर पर काफी असर पड़ा। (Saina Nehwal announces retirement) इसके बावजूद, उन्होंने 2017 में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक और 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर शानदार वापसी की। हालांकि, घुटने की समस्या बार-बार उभरती रही। 2024 में, साइना ने सार्वजनिक रूप से खुलासा किया कि उनके घुटनों में गठिया है और उनकी उपास्थि पूरी तरह से घिस चुकी है, जिससे शीर्ष स्तर पर खेलना लगभग नामुमकिन हो गया है।
पूर्व विश्व नंबर 1 साइना ने लंदन ओलंपिक 2012 में भारत के लिए कांस्य पदक जीता था। वह ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। उन्होंने तीन ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। साइना ने 2010 और 2018 में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीते थे।
साइना ने 2010 और 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीते। उन्होंने 2008 में बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) विश्व जूनियर चैंपियनशिप जीतकर सुर्खियां बटोरीं। उसी वर्ष उन्होंने पहली बार ओलंपिक में भाग लिया। वह ओलंपिक क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। भारतीय शटलर को अर्जुन पुरस्कार और राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया साइना बैडमिंटन वर्ल्ड फैमिली सुपर सीरीज प्रतियोगिता जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। उन्हें 2009 में अर्जुन पुरस्कार और 2010 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने 2015 की विश्व बैडमिंटन रैंकिंग में भी शीर्ष स्थान हासिल किया। गौरतलब है कि यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह पहली महिला खिलाड़ी थीं।