इंगलवुड (अमेरिका), 13 जून (एपी) अमेरिका के नए फुटबॉल नायक बने फोलारिन बालोगुन तीन में से किसी भी देश के लिए खेल सकते थे।
लेकिन उन्होंने अमेरिका को चुना और अब विश्व कप फुटबॉल में पहले मैच में उन्होंने दो गोल करके अपनी टीम को पराग्वे पर 4-1 से शानदार जीत दिलाई।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान डेविड बेकहम की मौजूदगी में बालोगुन 1930 के बाद विश्व कप के किसी मैच में दो गोल करने वाले पहले अमेरिकी खिलाड़ी बन गए। उस समय बर्ट पटेनाउड ने पराग्वे के खिलाफ ही अमेरिका की 3-0 की जीत में तीनों गोल किए थे, जो विश्व कप के इतिहास में पहली हैट्रिक थी।
बालोगुन का जन्म न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन इलाके में नाइजीरियाई माता-पिता के घर हुआ था। उनके जन्म के एक महीने बाद उनके माता-पिता इंग्लैंड चले गए, जहां वह लंदन में पले-बढ़े। उन्होंने आठ साल की उम्र में आर्सेनल की अकादमी में दाखिला लिया। उन्होंने युवा स्तर पर इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व किया और साथ ही अमेरिका की अंडर-18 टीम के लिए भी खेले।
इस तरह से बालोगुन के पास अमेरिका के अलावा इंग्लैंड और नाइजीरिया की तरफ से खेलने का भी मौका था। इंग्लैंड की टीम में स्टार खिलाड़ियों की कमी नहीं है और इसलिए हो सकता था कि उन्हें उसकी टीम में जगह नहीं मिलती जबकि नाइजीरिया इस विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने में असफल रहा।
उन्होंने सही समय पर सही फैसला किया और इसका परिणाम यह है कि अब अमेरिका के प्रत्येक फुटबॉल प्रेमी की जुबान पर एक ही नाम है बालोगुन ।
एपी
पंत
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