हर पदक के पीछे संघर्ष और कभी हार नहीं मानने वाले संकल्प की एक कहानी होती है: योगी आदित्यनाथ

Ads

हर पदक के पीछे संघर्ष और कभी हार नहीं मानने वाले संकल्प की एक कहानी होती है: योगी आदित्यनाथ

  •  
  • Publish Date - May 9, 2026 / 08:46 PM IST,
    Updated On - May 9, 2026 / 08:46 PM IST

लखनऊ, नौ मई (भाषा) उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने खेल की भावना और अनुशासन के महत्व को रेखांकित करते हुए शनिवार को कहा कि हर ‘पदक’ के पीछे संघर्ष और कभी हार नहीं मानने वाले संकल्प की एक कहानी होती है।

योगी आदित्यनाथ शनिवार को पुलिस द्वारा आयोजित द्वितीय अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन क्लस्‍टर प्रतियोगिता की शुरुआत करने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्‍होंने कहा, ‘‘’हर पदक के पीछे संघर्ष और कभी हार नहीं मानने वाले संकल्प की एक कहानी होती है। हमारी मेहनत हमें लक्ष्‍य तक पहुंचाती है। जितना पसीना बहेगा जीत उतनी बड़ी होगी। खेल हमें गिरना, उठना और फिर जीतना सिखाता है। ’’

योगी आदित्यनाथ ने प्रतियोगिता का जिक्र करते हुए कहा कि इसका आयोजन पहली बार उप्र में हो रहा है और पांच दिवसीय इस टूर्नामेंट में 1400 खिलाड़ियों को भाग लेने का अवसर मिलेगा।

उन्‍होंने कहा, ‘‘प्राचीन काल से भारत में खेल और खेलकूद की गतिविधियों को प्रोत्साहन देने की परंपरा रही है। हमारी परंपरा यह मानती रही है कि जीवन के जितने भी साधन हैं, वह स्वस्थ शरीर से ही संभव हो सकते हैं। ’’

योगी ने जोर देकर कहा, ‘‘सभी साधनों को प्राप्त करने के लिए शरीर को स्वस्थ होना जरूरी है और व्यक्ति दैनिक कार्यक्रमों के साथ खेलकूद की गतिविधियों को हिस्सा बनाएं। ’’

उन्‍होंने कहा, ‘‘प्राचीन काल से ही अपने यहां कबड्डी, कुश्ती, खो खो, मलखंभ, धनुष विद्या, शतरंज, तलवारबाजी ये सभी जीवन का एक हिस्सा रहा है। हमारे यहां अखाड़ा शब्द ही इस बात के लिए दिया गया है कि ज्ञान की परंपरा और शरीर को स्वस्थ रखा जाए। ’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘25 करोड़ की आबादी इस राज्य में निवास कर रही है और इनमें 56 प्रतिशत युवा हैं। जनसंख्या जितनी स्वस्थ होगी उतना ही बेहतर परिणाम मिलेगा।’ ’’

उन्‍होंने यह भी कहा कि खेल के मैदान में जो पाठ पढ़ाये जाते हैं, वह पाठ्य पुस्तकों में मिलना कठिन होता है।

उन्‍होंने कहा, ‘‘खेल के मैदान में अनुशासन, दृढ़ संकल्प और समर्पण के बारे में सीखा जाता है।’ ’’

योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘अपने जीवन में हमें अपने हौसलों और सपनों को कभी टूटने नहीं देना चाहिए। ’’

भाषा आनन्द रवि कांत नमिता

नमिता