आक्रामक रूख वाले बल्लेबाजों के खिलाफ रक्षात्मक होना नकारात्मकता नहीं है: भुवनेश्वर

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आक्रामक रूख वाले बल्लेबाजों के खिलाफ रक्षात्मक होना नकारात्मकता नहीं है: भुवनेश्वर

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  • Publish Date - April 28, 2026 / 06:23 PM IST,
    Updated On - April 28, 2026 / 06:23 PM IST

नयी दिल्ली, 25 अप्रेल (भाषा) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का मानना है कि टी20 क्रिकेट के मौजूदा दौर में बल्लेबाजों के लगातार आक्रामक रुख के मद्देनज़र गेंदबाजों को पावरप्ले में गेंद स्विंग होने पर भी रणनीतिक और रक्षात्मक सोच के साथ गेंदबाजी करनी चाहिए।

भुवनेश्वर ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ सोमवार को यहां आईपीएल मुकाबले में पांच रन देकर तीन विकेट झटके। उन्होंने जोश हेजलवुड (12 रन पर चार विकेट) के साथ उछाल और स्विंग वाली कोटला की पिच पर दिल्ली कैपिटल्स की पारी को महज 75 रन पर समेट दिया। आरसीबी ने इसके जवाब में 6.3 ओवर में ही नौ विकेट शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया।

भुवनेश्वर ने जियोहॉटस्टार से कहा, “इस प्रारूप में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब बल्लेबाज पावरप्ले में गेंद स्विंग होने पर भी रुकते नहीं हैं। पहले परिस्थितियों का अधिक सम्मान होता था, लेकिन अब उनका रवैया लगातार आक्रामक रहता है। ऐसे में गेंदबाजों के लिए सोच में बदलाव जरूरी है। रक्षात्मक होना नकारात्मक नहीं है, बल्कि योजना के अनुसार गेंदबाजी करना और बल्लेबाजों की कमजोरियों को निशाना बनाना अहम है।”

भारतीय टीम से बाहर चल रहे भुवनेश्वर ने कहा कि जब पिच या माहौल से मदद मिलती है तो तेज गेंदबाज स्वाभाविक रूप से अधिक आक्रामक हो जाता है।

उन्होंने कहा, “ऐसी सपाट पिचें, जहां गेंदबाजों को कोई मदद नहीं मिलती, वहां रणनीति अधिक रक्षात्मक हो जाती है, लेकिन इसका मतलब नकारात्मक होना नहीं है। इसका उद्देश्य रन रोकना और खासकर आक्रामक बल्लेबाजों के खिलाफ बाउंड्री से बचना होता है। लेकिन जब हवा में या पिच से थोड़ी मदद मिलती है, तो मानसिकता आक्रामक होकर विकेट लेने पर केंद्रित हो जाती है।”

उन्होंने कहा, “गेंदबाज को पिच से अगर थोड़ी भी मदद मिले, तो उसका इरादा सिर्फ रन रोकने की जगह लगातार आक्रमण करते हुए विकेट लेने के मौके बनाने का होना चाहिए।”

हेजलवुड के साथ अपनी शानदार गेंदबाजी पर भुवनेश्वर ने कहा कि यह छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देने का नतीजा है।

उन्होंने कहा, “तैयारी और परिस्थितियों को समझना बेहद महत्वपूर्ण होता है। योजना बनाने में छोटे-छोटे पहलू भी अहम भूमिका निभाते हैं। हेजलवुड जैसे अनुभवी खिलाड़ी के साथ मैदान पर संवाद बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है, जिससे परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना आसान होता है।”

स्विंग गेंदबाजी के माहिर माने जाने वाले भुवनेश्वर ने अपनी सफलता का श्रेय लाल गेंद के क्रिकेट को दिया।

उन्होंने कहा, “परिस्थितियां और गेंद अपनी भूमिका निभाते हैं, लेकिन बुनियादी बातें सबसे अहम होती हैं, जैसे कि कलाई की स्थिति, एलाइनमेंट और लाइन-लेंथ पर नियंत्रण। मेरे लिए लाल गेंद क्रिकेट ने इन पहलुओं में महारत हासिल करने में काफी मदद की है। इससे एक्शन दोहराने और निरंतरता बनाए रखने में सहायता मिलती है। जब गेंद स्विंग करती है, तो यह गेंदबाजों के लिए बड़ा हथियार बन जाती है और तब आप इसका पूरा फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।”

भाषा आनन्द सुधीर

सुधीर