MP Nursing College fraud : नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा मामले में हाईकोर्ट सख्त, एग्जाम को लेकर कही ये बात, छात्रों को लगेगा झटका

Ads

MP Nursing College fraud : नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा मामले में हाईकोर्ट सख्त, एग्जाम को लेकर कही ये बात, छात्रों को लगेगा झटका

  •  
  • Publish Date - April 28, 2026 / 07:04 PM IST,
    Updated On - April 28, 2026 / 07:09 PM IST

MP Nursing College fraud/Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • हाईकोर्ट ने नर्सिंग परीक्षाओं और रिजल्ट पर लगाई रोक
  • CBI को 800 कॉलेजों का रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश
  • जांच में 600 से ज्यादा कॉलेज अपात्र या फर्जी पाए गए

जबलपुर। MP Nursing College fraud : MP के बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने नर्सिंग परीक्षाओं और रिज़ल्ट पर रोक लगा दी है। साथ ही CBI को सभी 800 नर्सिंग कॉलेजों के रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए है। अपात्र कॉलेजों को मान्यता देने वाले अधिकारियों की लिस्ट भी मांगी है।

नर्सिंग काउंसिल से मांगा जवाब

हाईकोर्ट ने CBI से ये भी पूछा कि जांच में 600 कॉलेज अपात्र मिलने पर क्यों कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? (MP Nursing College fraud) इस मामले में कोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल से भी जवाब मांगा है। कोर्ट ने अधिकारियों से जवाब तलब कि अपात्र कॉलेजों को मान्यता देने में किसकी मिलीभगत थी? मान्यता देने वाले अधिकारियों की सूची पेश करें।

परीक्षाओं पर रोक

हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई सीबीआई जांच में चौंकाने खुलासा हुआ (MP Nursing College fraud)। जांच में सामने आया कि लगभग 800 नर्सिंग कॉलेजों में से करीब 600 कॉलेज अपात्र या गंभीर कमियों वाले पाए गए। कई कॉलेज सिर्फ कागजों पर चल रहे थे। जांच में सामने आया कि एक‑एक प्रिंसिपल और शिक्षक 10‑15 कॉलेजों में एक साथ कार्यरत दर्शाए गए थे। वहीं, 100 बेड वाले अस्पताल जैसी अनिवार्य सुविधाएं भी अधिकतर कॉलेजों में नहीं थीं। जिसके बाद कोर्ट ने नर्सिंग परीक्षाओं और रिज़ल्ट पर रोक लगा दी है। इस मामले में अगली सुनवाई 12 मई को होगी। जिसमें छात्रों के भविष्य को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

 

IBC24 पर भी दिखेगा CGBSE 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम, यहां करें क्लिक 👈🏻

Results

 

ये भी पढ़ें

 

 

MP नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा क्या है?

यह मामला उन नर्सिंग कॉलेजों से जुड़ा है जो बिना जरूरी सुविधाओं और मानकों के संचालित हो रहे थे या सिर्फ कागजों पर मौजूद थे।

हाईकोर्ट ने परीक्षाओं पर रोक क्यों लगाई?

जांच में भारी अनियमितताएं सामने आने के बाद छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षाएं और रिजल्ट रोक दिए गए।

कितने कॉलेज जांच में फर्जी या अपात्र पाए गए?

करीब 800 में से लगभग 600 कॉलेज अपात्र या गंभीर खामियों वाले पाए गए।

CBI को क्या निर्देश दिए गए हैं?

CBI को सभी कॉलेजों का रिकॉर्ड पेश करने और जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी देने के लिए कहा गया है।

छात्रों पर इसका क्या असर पड़ेगा?

फिलहाल परीक्षाएं और रिजल्ट रुके हुए हैं। अगली सुनवाई के बाद छात्रों के भविष्य पर फैसला लिया जाएगा।

शीर्ष 5 समाचार