लंदन, 16 जुलाई (एपी) अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने विश्व कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ जीत के बाद विवादित फ़ॉकलैंड द्वीप समूह पर संप्रभुता का दावा करने वाले बैनर के साथ तस्वीरें खिंचवाई जिससे ब्रिटेन भड़क गया है और उसने बृहस्पतिवार को फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा से इसकी जांच करने का आग्रह किया।
अटलांटा में बुधवार को खेले गए विश्व कप सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराया।
मैच के बाद जश्न के दौरान अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने एक बैनर पकड़ा हुआ था, जिस पर लिखा था ‘‘लास माल्विनास सोन अर्जेंटिनास’’ जिसका अर्थ है ‘‘माल्विनास अर्जेंटीना के हैं।’’ अर्जेंटीना फ़ॉकलैंड द्वीप समूह को इस्लास माल्विनास के नाम से संबोधित करता है। अर्जेंटीना के खिलाड़ियों को यह बैनर स्टेडियम में मौजूद एक दर्शक ने दिया था।
अर्जेंटीना की टीम को अब अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि उसने मैदान पर राजनीतिक संदेश देने पर प्रतिबंध लगाने वाले नियमों का उल्लंघन किया है।
ब्रिटेन के व्यापार सचिव पीटर काइल ने कहा कि खिलाड़ियों का व्यवहार ‘‘पूरी तरह से अनुचित’’ था।
काइल ने बीबीसी से कहा, ‘‘राजनीति को फुटबॉल से अलग रखने की जरूरत है। विश्व कप का एक प्रमुख सिद्धांत यही है कि राजनीति फुटबॉल से अलग है। यह अब फीफा का मामला है। मुझे उम्मीद है कि फीफा इसकी जांच करेगा।’’
दक्षिण अटलांटिक में स्थित फ़ॉकलैंड द्वीपसमूह को लेकर राजनीतिक तनाव के कारण दोनों देशों के बीच खेल प्रतिद्वंद्विता और भी बढ़ गई है। यह द्वीपसमूह ब्रिटेन के अधीन है, जिसकी आबादी लगभग 3,500 है। यह ब्रिटेन से लगभग 8,000 मील (13,000 किलोमीटर) और अर्जेंटीना से 300 मील (480 किलोमीटर) दूर स्थित है।
अर्जेंटीना का तर्क है कि 1833 में उससे ये द्वीप अवैध रूप से छीन लिए गए थे। ब्रिटेन का कहना है कि यह 1765 से उसके अधीन है। अर्जेंटीना ने 1982 में इस द्वीप समूह पर हमला किया था। इसके बाद 10 सप्ताह तक युद्ध चला था जिसमें अर्जेंटीना के 649 ब्रिटेन के 255 सैनिकों की जान चली गई थी। इस युद्ध में तीन नागरिक भी मारे गए थे।
एपी
पंत
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