MP Assembly News: मध्यप्रदेश विधानसभा में पारित हुआ सरकार ये शासकीय संकल्प, सीएम और नेता प्रतिपक्ष के बीच इस बात पर हुई तीखीं बहस, सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

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मध्यप्रदेश विधानसभा में पारित हुआ सरकार ये शासकीय संकल्प, Government Resolution in Madhya Pradesh Legislative Assembly

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  • Publish Date - April 27, 2026 / 09:17 PM IST,
    Updated On - April 27, 2026 / 09:17 PM IST

भोपालः MP Assembly News: मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन’ पर चर्चा के दौरान जमकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जमकर सियासी तकरार देखने को मिली। सदन में गहमागहमी के बीच मौजूदा स्थिति में लोकसभा और विधानसभा में 33 फीसदी महिला आरक्षण देने के लिए के लिए सरकार की ओर लाया गया शासकीय संकल्प पारित हो गया। इससे पहले शासकीय संकल्प में संशोधन करने के प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। अध्यक्ष ने व्यवस्था देते हुए रजिस्ट्रर रख इस पर वोटिंग की व्यवस्था दी। इस दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीत तीखीं नोकझोंक देखने को मिली। सीएम ने कहा कि जोर से चिल्लाने से कुछ नियम नहीं बदलते है।

MP Assembly News: इससे पहले सीएम यादव ने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा कि सीएम ने कहा कि बिना संविधान संशोधन और बिना परिसीमन के इस बिल को पारित नहीं किया जा सकता। एक तरफ आप दिल्ली में रहते हुए परिसीमन का विरोध करते हैं, जब सत्ता में थे तब भी विरोध कर इसे फ्रीज कर दिया और अब जब इसे लागू करने की बात आई तो फिर विरोध कर रहे हैं। आखिर आप चाहते क्या हैं? यदि हम आरक्षण का समर्थन कर रहे हैं, तो आप भी समर्थन करें। आप संविधान संशोधन कर दें, दोनों पक्षों की बात पूरी हो जाएगी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा- क्या आप मोदी जी की तरफ से गारंटी ले रहे हैं? इस पर सीएम ने कहा कि यह संविधान संशोधन का मामला है। अभी यह समझ नहीं आ रहा कि हम किस दिशा में जा रहे हैं। हमने अपनी तरफ से गारंटी दे दी है। अपने दिल्ली के नेताओं से भी पूछ लीजिए। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा- कांग्रेस तेजी से रंग बदलती है (MP Assembly News)

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आपातकाल के समय संविधान संशोधन लाने का पाप किसने किया था? यह कांग्रेस का पाप है कि हमने अपनी बहनों के साथ अन्याय करते हुए इस भावना के आधार पर उन्हें रोकने का प्रयास किया। अगर संविधान संशोधन में परिसीमन के बलबूते पर 1972 में प्रति लोकसभा 10 लाख की आबादी थी, तो आज विधानसभाओं और लोकसभा के बीच आधी आबादी का गला घोंटकर उनका रास्ता रोकने का काम कांग्रेस ने किया। आज ज्यादा अच्छा होता कि आप माफी मांगते कि 50 साल पहले हमने बहनों का 33% आरक्षण रोका। मैं प्रधानमंत्री मोदी जी को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने विनम्रता के साथ कहा कि आप श्रेय ले लो, विज्ञापन छपवा लो, हमें कोई श्रेय नहीं चाहिए, लेकिन यह देश की आधी आबादी का प्रश्न है। आप इस बात पर सहमत हो जाओ कि हमारे पास बहुमत है या नहीं। आपके पास 1984 में भी बहुमत था।

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