नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने निर्देश दिया है कि युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त खेल महासंघों और संघों से जुड़ी जानकारी को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय की वेबसाइट पर स्वतः सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
देश की 2036 ओलंपिक की मेजबानी की महत्वाकांक्षा पर जोर देते हुए सूचना आयुक्त पी. आर. रमेश ने कहा कि खेल निकायों का पारदर्शी ढंग से काम करना भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को कई गुना मजबूत करेगा।
केंद्रीय सूचना आयोग ने यह टिप्पणी सचिन गांधी द्वारा दायर एक सूचना का अधिकार (आरटीआई) याचिका की सुनवाई के दौरान की।
याचिका में अखिल भारतीय कैरम महासंघ, भारतीय खो-खो महासंघ, भारतीय एमेच्योर कबड्डी महासंघ, भारतीय स्क्वाश रैकेट महासंघ और भारतीय सॉफ्टबॉल संघ जैसे विभिन्न खेल महासंघों की मान्यता स्थिति से संबंधित जानकारी मांगी गई थी।
आयोग ने माना कि मंत्रालय ने आरटीआई अधिनियम के तहत उचित उत्तर दिया था। उन्होंने हालांकि इस बात पर जोर दिया कि ऐसी जानकारी को अगर स्वत: साझा कर दी जाये तो नागरिकों की बुनियादी और महत्वपूर्ण सूचनाओं तक पहुंच के लिए आरटीआई आवेदनों पर निर्भरता कम होगी।
रमेश ने कहा, ‘‘जब भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी की आकांक्षा रखता है और यह देश के खेल महाशक्ति बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ऐसे में खेल निकायों का पारदर्शी संचालन भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को कई गुना सशक्त करेगा।’’
उन्होंने आरटीआई अधिनियम की धारा 4 का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक सार्वजनिक प्राधिकरण को इंटरनेट सहित विभिन्न माध्यमों के जरिये अधिकतम जानकारी सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करने चाहिए।
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