ग्रेटर नोएडा, सात जनवरी (भाषा) निकहत जरीन और मीनाक्षी हुड्डा सहित स्टार मुक्केबाजों ने बुधवार को यहां राष्ट्रीय चैंपियनशिप में आसान जीत दर्ज की लेकिन एक बार फिर संदिग्ध रेफरिंग सुर्खियां बनी।
ताजा विवादों और बाधित मुकाबलों के कारण टूर्नामेंट पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुरुष वर्ग की स्पर्धा में विवाद हावी रहा। एक मुकाबला बीच में ही रोक दिया गया जबकि एक अन्य बाउट में एक मुक्केबाज पर अपने प्रतिद्वंद्वी को काटने का आरोप लगा।
रेलवे खेल नियंत्रण बोर्ड के मुक्केबाज इशमीत ने अखिल भारतीय पुलिस (एआईपी) के मोहित पर मिडिलवेट (75 किग्रा) मुकाबले के दौरान उन्हें ‘काटने’ का आरोप लगाया।
पहले राउंड में ‘स्टैंडिंग काउंट’ मिलने के बाद दूसरे राउंड में मोहित पर इशमीत के कंधे पर कई बार काटने का आरोप लगा। इसके बाद इशमीत ने रेफरी से शिकायत की और काटने के स्पष्ट निशान भी दिखाए।
इसके बावजूद रेफरी ने मुकाबला जारी रहने दिया। रेलवे के एक कोच ने पीटीआई से कहा, ‘‘हमने इस फैसले का विरोध किया है। रेफरी को तुरंत मुकाबला रोक देना चाहिए था, लेकिन उन्होंने बाउट जारी रहने दी। ’’
मुक्केबाजी में काटना एक गंभीर फाउल माना जाता है जिसके लिए तत्काल अयोग्यता तक की सजा हो सकती है। मुकाबले के बाद मेडिकल अधिकारी ने काटने के कथित निशानों की तस्वीरें लीं जिन्हें तकनीकी दल की रिपोर्ट में शामिल किया गया।
बैंथमवेट (55 किग्रा) वर्ग में सेना के पवन बार्तवाल और ललित के बीच मुकाबला भी विवादों में रहा। दूसरे राउंड के बाद मुकाबला पवन के पक्ष में घोषित किया गया।
पहले दो राउंड के बाद पवन 3-2 से आगे थे, तभी एआईपी के कई कोच और स्टाफ रिंग में घुस आए और फैसले पर सवाल उठाने लगे जिससे मुकाबला रुक गया।
अधिकारियों ने बाद में फैसला दिया कि ललित समय चेतावनी के बावजूद तीसरे राउंड के लिए सेंटर में नहीं आ पाए और मुकाबला बीच में छोड़ दिया।
एआईपी ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ आधिकारिक विरोध दर्ज कराएगा। वहीं सेना ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ललित थक चुके थे और समय चेतावनी के बाद भी एआईपी के कोचों का रिंग में बने रहना, अतिरिक्त समय हासिल करने की रणनीति थी।
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने बयान में कहा, ‘‘बैंथमवेट (50–55 किग्रा) वर्ग में पवन (सेना) और ललित (एआईपी) के बीच मुकाबले में पुलिस दल के मुक्केबाज को प्रतियोगिता नियमों के अनुसार आधिकारिक रूप से ‘एबैंडनंड’ घोषित किया गया क्योंकि वह तीसरे राउंड के लिए उपस्थित नहीं हुआ। ’’
बीएफआई के तकनीकी निदेशक राजन शर्मा ने कहा कि दोनों घटनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट महासंघ को सौंपी जाएगी।
कुछ ही दिन पहले ओलंपियन आशीष चौधरी को शुरुआती दौर के मुकाबले से विवादास्पद हालात में अयोग्य घोषित किए जाने के बाद ये सामने आए हैं जिससे चैंपियनशिप में रेफरिंग के स्तर पर चिंताएं और बढ़ गई हैं।
दिन के अन्य मुकाबलों में निकहत (51 किग्रा) ने प्री-क्वार्टरफाइनल में लद्दाख की कुलसूमा बानो के खिलाफ दो मिनट से भी कम समय में आरएससी (रेफरी द्वारा रोका गया मुकाबला) से जीत दर्ज की। मीनाक्षी (48 किग्रा) ने झारखंड की अन्नू को सर्वसम्मत फैसले से हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई।
विश्व चैंपियन जैस्मिन लम्बोरिया ने कंधे की चोट के कारण 57 किग्रा वर्ग में वॉकओवर दे दिया।
अमित पंघाल (55 किग्रा) ने चंडीगढ़ के कृषपाल के खिलाफ कड़े मुकाबले में 4-1 से जीत दर्ज की। वहीं अभिनाश जमवाल (65 किग्रा), जादुमणि सिंह (55 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा) और हितेश गुलिया (70 किग्रा) ने भी दमदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया।
भाषा नमिता
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