(मोना पार्थसारथी)
अहमदाबाद, 23 मई (भाषा) राष्ट्रमंडल खेल 2030 की तैयारी में जुटे आयोजकों को उम्मीद है कि अहमदाबाद में बुनियादी ढांचा एक साल पहले तैयार हो जायेगा जिसके लिये मौजूदा वीर सावरकर खेल परिसर के अलावा नरेंद्र मोदी स्टेडियम को केंद्र में रखकर इसके इर्द गिर्द 335 एकड़ क्षेत्र में तीन नये परिसर तैयार किये जा रहे हैं ।
अहमदाबाद के नारनपुरा में 825 करोड़ की लागत से 20 एकड़ में फैले वीर सावरकर परिसर का उद्घाटन पिछले साल ही हो चुका है जबकि सरदार वल्लभभाई पटेल खेल एंक्लेव और कराइ में गुजरात पुलिस अकादमी में निर्माण कार्य 2028 से 2029 के बीच पूरा हो जायेगा जहां मुख्यत: एक्वाटिक्स, टेनिस, एथलेटिक्स और निशानेबाजी स्पर्धायें होनी हैं ।
वीर सावरकर खेल परिसर के प्रभारी प्रशासनिक अधिकारी भौमिक ओझा ने यहां बताया ,‘‘ हमने तीन साल के भीतर इतना बड़ा परिसर तैयार कर लिया जिसकी मई 2022 में आधारशिला रखी गई थी । इसलिये हमें यकीन है कि राष्ट्रमंडल खेलों के लिये हम समय से पहले पूरी तैयारी कर लेंगे ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘यहां पिछले साल राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैम्पियनशिप और एशियाई एक्वाटिक्स चैम्पियनशिप हो चुकी है और प्रसारण, डोपिंग रोधी उपायों, सुरक्षा उपायों सभी को ध्यान में रखकर इसे तैयार किया गया है । यह राष्ट्रमंडल खेलों के संभावित वेन्यू में से है लेकिन यह आने वाले समय में पता चलेगा कि यहां कौन से खेलों की स्पर्धायें होंगी ।’’
गुजरात खेल विभाग के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल खेल एंक्लेव में नरेंद्र मोदी स्टेडियम के पास एक्वाटिक सेंटर, टेनिस सेंटर और मल्टीपरपज एरेना तैयार किया जा रहा है ।
अधिकारी ने बताया ,‘‘ 12000 की दर्शक क्षमता वाला एक्वाटिक सेंटर 2029 की दूसरी तिमाही में तैयार हो जायेगा । वहीं टेनिस सेंट तीसरी तिमाही में तैयार होगा जिसकी क्षमता 24000 रहेंगी । मल्टीपरपज ( कई खेलों के लिये इस्तेमाल होने वाला इंडोर परिसर) एरेना भी 2029 की तीसरी तिमाही में तैयार होगा जिसकी क्षमता 18000 दर्शकों की होगी ।’’
इसके अलावा इस परिसर में राष्ट्रीय खेल उत्कृष्टता संस्थान बनाने का भी प्रस्ताव है ।
अधिकारी ने आगे बताया ,‘‘ कराइ में 143 एकड़ में गुजरात पुलिस अकादमी में एथलेटिक्स स्टेडियम सितंबर 2028 तक तैयार होगा जिसकी क्षमता 50000 रहेगी । वहीं 5000 की क्षमता वाला परिसर और हाई परफार्मेस सेंटर भी इसी अवधि में तैयार होगा । इंडोर और आउटडोर रेंज वाला निशानेबाजी केंद्र मार्च 2029 में तैयार होगा जिसकी दर्शक क्षमता 4000 रहेगी ।’’
दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल 2010 के दौरान आयोजन स्थलों खासकर जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम और श्यामाप्रसाद मुखर्जी तरणताल परिसर को तैयार करने में विलंब को लेकर काफी विवाद हुआ था । इसे लेकर राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के तत्कालीन अध्यक्ष माइक फेनेल ने नाराजगी भी जताई थी ।
राष्ट्रमंडल खेल 2030 में हॉकी की स्पर्धायें आईआईटी गांधीनगर या गांधीनगर स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र पर होगी जिसके बारे में फैसला जून के आखिर तक लिया जायेगा ।
अधिकारी ने बताया ,‘‘ पुरूष क्रिकेट की स्पर्धा नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर होगी जिसे विश्व कप फाइनल और आईपीएल फाइनल जैसे बड़े आयोजनों की मेजबानी का अनुभव है ।इसके अलावा वडोदरा में भी कुछ मैच कराये जा सकते हैं ।’’
ओझा ने बताया कि राष्ट्रमंडल खेलों से पहले 2029 में विश्व पुलिस और दमकल खेलों के जरिये तैयारी को अंतिम रूप मिल जायेगा चूंकि इन खेलों में 70 से अधिक देशों के भाग लेने की उम्मीद है और भारत में इनका आयोजन पहली बार हो रहा है ।
इनके अलावा विजयी भारत फाउंडेशन में भी राष्ट्रमंडल खेलों की कुछ स्पर्धाओं के आयोजन की संभावना है । फाउंडेशन के सीईओ आदित्य अवस्थी ने बताया ,‘‘ इस समय यहां तीरंदाजी, तलवारबाजी, जूडो और निशानेबाजी के हाई परफार्मेंस कार्यक्रम चल रहे हैं और इनमें एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, कुश्ती जैसे खेलेां को भी जोड़ने का प्रस्ताव है जिनमें ओलंपिक के कई पदक दाव पर होते हैं । हम राष्ट्रमंडल खेल 2030 समेत 2029 से 2030 के बीच कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की मेजबानी के लिये तत्पर हैं ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ परिसर में अत्याधुनिक हाई परफार्मेसं केंद्र तैयार करने की योजना है । हमें उम्मीद है कि राष्ट्रमंडल खेल 2030 के दौरान प्रतिस्पर्धाओं और अभ्यास के केंद्र के रूप में इस परिसर को मौका मिलेगा ।’’
भाषा मोना नमिता
नमिता