डोप जांच में विफल होने पर क्रिकेटर लालवानी, भारोत्तोलक अजित समेत 24 खिलाड़ी अस्थायी रूप से निलंबित
डोप जांच में विफल होने पर क्रिकेटर लालवानी, भारोत्तोलक अजित समेत 24 खिलाड़ी अस्थायी रूप से निलंबित
नयी दिल्ली, छह जून (भाषा) राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने डोप टेस्ट में विफल होने के कारण कई खिलाड़ियों को अस्थायी रूप से निलंबित किया है जिनमें क्रिकेटर भूपेन लालवानी, भारोत्तोलक अजित नारायण और पहलवान साहिल जगलान शामिल हैं।
नारायण ने हाल में गांधीनगर में एशियाई चैंपियनशिप में दो कांस्य पदक जीत थे जबकि पहलवान साहिल जगलान ने कुछ दिन पहले एशियाई खेलों के ट्रायल में हिस्सा लिया था।
महिलाओं की 1500 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी केएम दीक्षा को भी अस्थायी रूप से निलंबित किया गया क्योंकि उनके डोप नमूने में स्टैनोजोलोल ( स्टेरॉइड) पाया गया था। पीटीआई ने पहले ही उनके डोप टेस्ट में विफल होने की खबर दी थी, लेकिन तब प्रतिबंधित पदार्थ की प्रकृति या उनके निलंबन के बारे में जानकारी नहीं थी।
नाडा ने शनिवार को अलग-अलग खेलों के 24 खिलाड़ियों की एक सूची जारी की जिन्हें तीन जून तक अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है।
डोपिंग के लिए पकड़े गए कुछ क्रिकेटरों में से एक लालवानी ने घरेलू क्रिकेट में मुंबई और छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया है। पिछले सत्र में वह उत्तराखंड चले गए थे। उन्होंने कुल मिलाकर 25 प्रथम श्रेणी, तीन लिस्ट ए और दो टी20 मैच खेले हैं।
वह टरब्यूटालीन के लिए पॉजिटिव पाए गए जिसका इस्तेमाल आमतौर पर अस्थमा के इलाज में ‘ब्रोंकोडायलेटर’ के तौर पर किया जाता है।
विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) संहिता के तहत पहले से मंजूरी नहीं लिए जाने पर प्रतियोगिता के दौरान और प्रतियोगिता के बाहर दोनों ही स्थितियों में इस पर प्रतिबंध है।
19 साल के पहलवान जगलान का मामला दिलचस्प है क्योंकि वह स्टेरॉयड स्टैनोजोलोल के लिए पॉजिटिव पाए गए थे। फिर भी उन्होंने 31 मई को लखनऊ में एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में हिस्सा लिया था।
26 मार्च को लखनऊ में प्रतियोगिता के बाहर उनकी जांच की गई थी और नाडा ने 26 मई को उन्हें जानकारी दी थी। उन्हें तुरंत प्रभाव से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था।
इसके बावजूद उन्हें पांच दिन बाद लखनऊ में प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की अनुमति दी गई। वह पुरुषों के 97 किग्रा वर्ग में अंततः विजेता बने दीपक पूनिया से पहले दौर में हार गए।
राष्ट्रीय महासंघ के अधिकारियों के कई दिनों तक इस बात की पुष्टि करने से इनकार करने के बाद नाडा की ताजा सूची में पांच भारोत्तोलकों के डोप जांच में विफल होने की जानकारी सामने आई है जिसमें अजित नारायण, वंशिता वर्मा, हरचरण सिंह, हीना और एस बी चारुकेश को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया।
अजित ने पिछले महीने गांधीनगर में हुई एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप में पुरुषों के 71 किग्रा वर्ग में ‘क्लीन एंड जर्क’ और ‘कुल भार’ दोनों में कांस्य पदक जीता था।
वंशिता और हरचरण ने भी गांधीनगर में हिस्सा लिया था जबकि हीना राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीत चुकी हैं। चारुकेश ‘खेलो इंडिया युवा खेलों’ के पदक विजेता हैं।
2026 राष्ट्रमंडल खेलों के क्वालीफिकेशन नियमों के अनुसार, अगर एक जून 2025 से 22 जुलाई 2026 के बीच भारोत्तोलकों या भारोत्तोलन से जुड़े सहयोगी स्टाफ द्वारा कई बार डोपिंग रोधी नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो राष्ट्रमंडल खेलों के संघ (यहां भारतीय ओलंपिक संघ) को दिए गए एथलीट क्वालीफिकेशन स्थान में इन निलंबित खिलाड़ियों की संख्या के बराबर कटौती की जाएगी।
इस बीच दीक्षा समेत 12 ‘ट्रैक एंड फील्ड’ खिलाड़ियों को भी अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। बाकी 11 एथलीट भीम मान, तामसी सिंह, सुनील कुमार, आदित्य सिंह, संदीप, पुनीत, रेश्मा, सोनी देवी, आर्यन त्यागी, हरीश यादव और पूजा कुमारी हैं।
भाषा नमिता आनन्द
आनन्द

Facebook


