कराची, 26 मई (भाषा) पाकिस्तान के पूर्व टेस्ट बल्लेबाज और पूर्व मुख्य कोच हारून रशीद का मानना है कि भारतीय और पाकिस्तानी क्रिकेट के बीच बढ़ती खाई का कारण प्रतिभा नहीं, बल्कि ढांचे, योजना और जमीनी स्तर पर लंबे समय का निवेश है।
हारून ने कहा कि भारत अब मजबूत घरेलू और आयु वर्ग व्यवस्था का फायदा उठा रहा है जबकि पाकिस्तान लगातार अस्थिरता, प्रशासनिक उथल-पुथल और क्लब क्रिकेट की अनदेखी से जूझ रहा है।
‘हमाराइवेब.कॉम’ पर हारून ने कहा कि भारत की प्रतिभा की गहराई विशेषकर टी20 क्रिकेट में इतनी अधिक हो गई है कि चयनकर्ताओं को जल्द ही सभी प्रारूप के लिए अपनी सबसे मजबूत एकादश चुनने में मुश्किल हो सकती है।
इसके विपरीत हारून ने पाकिस्तान के घरेलू ढांचे के पतन पर अफसोस जताते हुए कहा कि नीतियों, कप्तानी, कोचिंग और चयन में निरंतरता की कमी ने राष्ट्रीय टीम को बहुत नुकसान पहुंचाया है।
उन्होंने कहा, ‘‘बांग्लादेश के खिलाफ हाल की टेस्ट हार और उससे पहले भी सफेद गेंद के क्रिकेट में हमारा प्रदर्शन, हमारे क्रिकेट की पूरी कहानी बयां करते हैं।’’
मुख्य चयनकर्ता, सीनियर और जूनियर राष्ट्रीय टीम के कोच और क्रिकेट अकादमी के प्रमुख जैसी विभिन्न भूमिकाओं में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में काम करने वाले हारून ने कहा कि भारत इस समय अपने निवेश और निरंतरता का फायदा उठा रहा है।
हारून ने कहा, ‘‘इस समय भारत के पास चुनने के लिए बहुत सारी प्रतिभा है, विशेषकर टी20 क्रिकेट में। इसका कारण यह है कि उनके सभी खिलाड़ी अलग-अलग आयु वर्गों से एक सही व्यवस्था के तहत आगे आ रहे हैं।’’
भाषा
सुधीर आनन्द
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